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Sat. Aug 30th, 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मालदीव की राजधानी माले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुज्जू ने उनका स्वागत किया। समारोह में शामिल होकर पीएम मोदी ने भारत और मालदीव के बीच के संबंधों को और प्रगाढ़ करने का संदेश दिया।

भारत-मालदीव के रिश्तें

यह यात्रा केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरान पीएम मोदी और मालदीव के उपराष्ट्रपति के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएं भी हुईं। दोनों नेताओं ने ट्रेड (व्यापार), एनर्जी (ऊर्जा), समुद्री सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की।

विपक्षी नेताओं से भी की मुलाकात

माले में प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव के विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात की। यह एक कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि केवल सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्ष के साथ भी संवाद बनाकर रखना चाहता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से भारत-मालदीव संबंधों की स्थिरता को और बल मिलेगा।

साझा सांस्कृतिक विरासत पर बल

स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव के साथ साझा सांस्कृतिक विरासत की सराहना की और कहा कि भारत हमेशा मालदीव की विकास यात्रा में भागीदार रहेगा। उन्होंने कहा, “भारत और मालदीव के रिश्ते केवल भूगोल से नहीं, बल्कि इतिहास और सांस्कृतिक रिश्तों से भी जुड़े हैं।”

मोदी ने मालदीव की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और लोकतंत्र, सहयोग और शांति के मूल्यों की प्रशंसा की। यह संदेश दोनों देशों के नागरिकों के बीच मैत्री और विश्वास को और मजबूत करता है।

भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति की मिसाल

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति के तहत की गई एक और रणनीतिक पहल के रूप में देखी जा रही है। मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। इस यात्रा के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ स्थिर, शांतिपूर्ण और लाभकारी संबंधों को प्राथमिकता देता है।

भारत की मदद पर मालदीव का आभार

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुज्जू ने कोरोना महामारी, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास में दी गई मदद का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत की सहायता ने मालदीव के विकास को गति दी है और यह साझेदारी भविष्य में और भी सशक्त होगी।

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