तेल अवीव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है जिसमें इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में एक 70 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह महिला IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट की योजना बना रही थी। हैरानी की बात यह है कि इस महिला को कुछ ही हफ्ते पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उस समय उसे रिहा कर दिया गया था। अब दोबारा उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने उसे फिर से हिरासत में लिया है।
महिला की साजिश का खुलासा
इज़राइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को इस महिला की गतिविधियों पर पहले से शक था। दो हफ्ते पहले उसे संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया गया था, लेकिन पुख्ता सबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया। हालांकि, एजेंसियों ने उस पर नज़र बनाए रखी और जैसे ही उन्हें पुख्ता जानकारी मिली कि वह प्रधानमंत्री नेतन्याहू को निशाना बनाने के लिए IED विस्फोट की योजना बना रही है, उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
महिला का बैकग्राउंड और मकसद
अभी तक महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह काफी समय से सरकार की नीतियों और विशेषकर नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की कार्यशैली से नाराज़ थी। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि उसका संबंध किसी संगठित आतंकी संगठन से है या वह अकेले ही यह साजिश रच रही थी।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि कहीं इस महिला के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है और क्या यह एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा था।
नेतन्याहू पर पहले भी हो चुके हैं हमले के प्रयास
यह कोई पहला मौका नहीं है जब बेंजामिन नेतन्याहू पर हमला या हत्या की साजिश रची गई हो। इज़राइल जैसे संवेदनशील देश में प्रधानमंत्री की सुरक्षा अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है। पहले भी कई बार नेतन्याहू को धमकी भरे संदेश मिले हैं और कुछ मौकों पर उनकी सुरक्षा में सेंध की खबरें भी सामने आई हैं। यह ताजा मामला एक बार फिर इस बात की पुष्टि करता है कि उनके खिलाफ नफरत का माहौल कुछ वर्गों में मौजूद है, जो हिंसात्मक रूप ले सकता है।
IED ब्लास्ट की योजना से मचा हड़कंप
सूत्रों के अनुसार, महिला IED विस्फोट की योजना को राजधानी यरुशलम या फिर नेतन्याहू के आधिकारिक आवास के पास अंजाम देना चाहती थी। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे दबोच लिया और एक बड़ा हादसा टल गया।
IED विस्फोट आम तौर पर छोटे आकार के विस्फोटक उपकरण होते हैं, जो बेहद घातक हो सकते हैं। आतंकवादी संगठनों द्वारा इनका इस्तेमाल आम तौर पर सेना या VIP को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस घटना के बाद इज़राइली सुरक्षा एजेंसियों ने नेतन्याहू की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है। उनके आने-जाने के मार्गों की समीक्षा की जा रही है और संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। साथ ही, देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, खासकर उन इलाकों में जहां विरोध प्रदर्शन या असंतोष की गतिविधियां पहले से दर्ज की गई हैं।
राजनीतिक हलकों में हलचल
इस घटना के बाद इज़राइल के राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है। विपक्षी नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि राजनीतिक असहमति का मतलब कभी भी हिंसा नहीं हो सकता। वहीं नेतन्याहू के समर्थकों ने इसे प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और उनके विरोधियों की बौखलाहट का परिणाम बताया है।
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