गुजरात के वडोदरा जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया। महिसागर नदी पर बना वडोदरा-आणंद को जोड़ने वाला पुल अचानक ढह गया। हादसे के समय पुल पर कई वाहन गुजर रहे थे, जिनमें से कुछ वाहन पुल के मलबे के साथ नदी में गिर गए। यह घटना सुबह के समय हुई, जब यातायात सामान्य रूप से चालू था।
हादसे की जानकारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल पर से गुजर रहे एक टैंकर ट्रक और अन्य वाहन अचानक तेज आवाज के साथ नीचे गिर गए। स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत कार्य में जुटी हुई हैं। अभी तक हादसे में किसी के मरने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
गुजरात में बने पुल का महत्व
यह पुल वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग था। इस पर रोजाना हजारों वाहन चलते थे, जिसमें आम नागरिकों से लेकर व्यावसायिक ट्रक और परिवहन शामिल थे। महिसागर नदी पर बना यह पुल कई सालों से उपयोग में था, लेकिन बताया जा रहा है कि इसकी मरम्मत और निरीक्षण समय पर नहीं किया गया था।
हादसे के कारण की जांच शुरू
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पुल के गिरने के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति बनाई गई है। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि पुल की संरचना कमजोर हो गई थी और समय-समय पर उसकी देखरेख नहीं की गई। इस पुल का निर्माण लगभग 20 साल पहले हुआ था और तब से इसकी मरम्मत पर बहुत कम ध्यान दिया गया था।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
गुजरात के मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया और संबंधित अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “वडोदरा में पुल हादसे की खबर से आहत हूं। सभी प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
गुजरात में राजनीति गर्माई
हादसे के बाद विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार को घेरा है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार इस हादसे के लिए जिम्मेदार है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने पुलों के रखरखाव पर बजट तो पास किया, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ।
जनता में आक्रोश
स्थानीय लोगों में इस हादसे को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “पुल में कई महीनों से दरारें दिख रही थीं, लेकिन कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं आया। अगर समय रहते ध्यान दिया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।”
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