पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। इस बार बयान आया है दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से, जिन्होंने आरोप लगाया है कि भगवंत मान को ‘पूरी आज़ादी से काम करने नहीं दिया जा रहा।’ उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) की पूरी सत्ता दिल्ली से संचालित हो रही है और मान को सिर्फ प्रतीकात्मक सीएम बना दिया गया है।
इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में एक बार फिर “कठपुतली मुख्यमंत्री” की बहस शुरू हो गई है
रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रेखा गुप्ता ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा:
“भगवंत मान एक चुने हुए मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उन्हें फैसले लेने की आज़ादी नहीं है। केजरीवाल और दिल्ली की टीम पंजाब में ‘रिमोट कंट्रोल’ के ज़रिये सरकार चला रही है।”
गुप्ता के मुताबिक, कई अहम नीतिगत फैसले, बजट आवंटन और अफसरशाही से जुड़े निर्देश सीधे दिल्ली से आ रहे हैं। इससे पंजाब की स्वायत्तता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहली बार नहीं उठा सवाल- रेखा गुप्ता
गौर करने वाली बात यह है कि भगवंत मान पर नियंत्रण को लेकर यह पहली बार सवाल नहीं उठे हैं। इससे पहले भी विपक्षी दलों — खासकर कांग्रेस और बीजेपी — ने कई बार यह आरोप लगाया है कि मान सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री हैं और असली ताकत अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की कोर टीम के हाथों में है।
2022 में जब आम आदमी पार्टी ने पंजाब में बहुमत से सरकार बनाई थी, तो भगवंत मान को बड़ी उम्मीदों के साथ मुख्यमंत्री बनाया गया था। लेकिन शुरुआत से ही यह चर्चा चलती रही कि सभी प्रमुख फैसलों में दिल्ली की दखल है — चाहे वह शिक्षा नीति हो, शराब नीति या प्रशासनिक नियुक्तियाँ।
क्या वाकई मान साइडलाइन हो रहे हैं?
अगर हम रेखा गुप्ता के बयान को गंभीरता से लें, तो सवाल उठता है कि क्या पंजाब की सरकार वास्तव में मुख्यमंत्री भगवंत मान चला रहे हैं या फिर वे सिर्फ चेहरा हैंराजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो:
भगवंत मान को पार्टी की छवि को मजबूत करने के लिए चेहरा बनाया गया था।
पार्टी की सभी अहम रणनीतियां और निर्णय ‘दिल्ली मॉडल’ पर आधारित हैं।
मान की लोकप्रियता भले ही पंजाब में मजबूत हो, लेकिन नीति निर्माण में उनकी भूमिका सीमित हो सकती है।
हालांकि, यह भी सच है कि भगवंत मान ने खुद कभी सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की कि उन्हें काम करने से रोका जा रहा है।
आम आदमी पार्टी का पलटवार
रेखा गुप्ता के बयान के बाद AAP नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को पंजाब की प्रगति हज़म नहीं हो रही।
एक AAP प्रवक्ता ने कहा:
“रेखा गुप्ता का बयान सिर्फ राजनीतिक जलन का नतीजा है। भगवंत मान सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किए हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर कोई मनमुटाव नहीं है और सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।
पंजाब की जनता का क्या है मूड?
अगर ग्राउंड रिपोर्ट्स पर भरोसा करें, तो जनता के बीच अब भी भगवंत मान की लोकप्रियता बरकरार है, लेकिन लोगों के बीच यह चर्चा जरूर है कि सरकार में निर्णय लेने की रफ्तार धीमी है और बहुत-से वादे अभी अधूरे हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि अगर मुख्यमंत्री को सही मायनों में आज़ादी दी जाती तो चीज़ें और बेहतर होतीं। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि टीमवर्क की वजह से ही आप सरकार सफलता की दिशा में बढ़ रही है।
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