नई दिल्ली।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी सेक्टर- 18 स्थित DDA ग्राउंड में एक बार फिर गाय काटने की गंभीर घटना सामने आई है। यह घटना दिनांक 11 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों और गऊ रक्षा संगठनों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इसी स्थान पर कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिन पर मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही गऊ रक्षा दल दिल्ली और Protector of Voiceless NGO से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं, इलाके में फैली नाराज़गी – 18
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सेक्टर- 18 का यह DDA ग्राउंड पहले भी विवादों में रहा है। आरोप है कि सुनसान और झाड़ियों से घिरे इस इलाके का कई बार अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया है।
पूर्व में भी गाय काटने से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन स्थायी समाधान न निकल पाने के कारण ऐसी घटनाएं दोबारा सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में कमी बनी हुई है, जिससे असामाजिक तत्व इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
गऊ रक्षा संगठनों की सक्रिय भूमिका
इस मामले में गऊ रक्षा दल दिल्ली के संरक्षक और Protector of Voiceless NGO के संस्थापक स्वर्णदीप त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद तुरंत पुलिस को अवगत कराया और मुकदमा दर्ज करवाया।
स्वर्णदीप त्रिपाठी ने कहा कि
“यह केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं और पशु सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। बार-बार ऐसी घटनाएं होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।”
JCB से खुदाई कर सामने आए सबूत– 18
गऊ रक्षा दल दिल्ली के पदाधिकारियों ने मौके पर JCB मशीन से खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से खून के निशान और मांस के टुकड़े बरामद होने का दावा किया गया।
इन कथित सबूतों को मौके पर मौजूद एसीपी समयपुर बादली को दिखाया गया।
इस कार्रवाई में गऊ रक्षा दल दिल्ली के
- उपाध्यक्ष मन्नू (सिरसपुर)
- अध्यक्ष राम लाठर
- पदाधिकारी कुलदीप चौहान
अपने कई युवा साथियों के साथ मौजूद रहे।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को अस्थायी रूप से घेर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि
- मौके से मिले अवशेषों को जांच के लिए भेजा गया है
- पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है
- दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी
एसीपी समयपुर बादली ने भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में तनाव, शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि पुलिस और सामाजिक संगठनों की समझाइश के बाद हालात नियंत्रित रहे।
गऊ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने भी अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की।
स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर बनाए रखी।
गऊ रक्षा दल की प्रमुख मांगें
गऊ रक्षा संगठनों ने प्रशासन के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- सेक्टर- 18 DDA ग्राउंड में स्थायी पुलिस निगरानी
- इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
- पूर्व में दर्ज मामलों की पुनः समीक्षा
- दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई
- DDA ग्राउंड की नियमित सफाई और सुरक्षा व्यवस्था
सामाजिक और कानूनी पहलू – 18
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि सामाजिक सौहार्द और भावनाओं से भी जुड़ी होती हैं।
कानून के अनुसार, पशु क्रूरता और अवैध पशु वध से जुड़े मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में समय पर जांच और कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जाती है।
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