30 जनवरी 2026 को राज्यसभा में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संसद में निज़ाम के बहुमूल्य गहनों को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि निज़ाम के गहनों का संग्रह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में सुरक्षित है और इसकी रक्षा के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संग्रह को हैदराबाद या किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव या निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है
विवाद और पृष्ठभूमि
हैदराबाद के निज़ामों का यह गहनों का संग्रह सदियों से प्रसिद्ध रहा है। इनमें हीरे, जवाहरात और बहुमूल्य रत्न शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत अरबों रुपये में आंकी जाती है। निज़ामों के गहनों की इतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता के कारण इस संग्रह को लेकर समय-समय पर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाएँ होती रही हैं।
हाल ही में कुछ राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं ने हैदराबाद में इन गहनों की प्रदर्शनी लगाने का सुझाव दिया था। उनका कहना था कि यह संग्रह जनता के लिए खुला होना चाहिए ताकि लोग निज़ामों की ऐतिहासिक धरोहर का अनुभव कर सकें।
वहीं, सुरक्षा और संरक्षण के कारण केंद्रीय सरकार ने इसे RBI की सुरक्षा में रखने का निर्णय लिया था। राज्यसभा में यह चर्चा इसीलिए उठी क्योंकि सांसदों ने पूछा था कि क्या इस संग्रह की सुरक्षा और जनता के लिए उपलब्धता सुनिश्चित है।
सरकार और RBI की सुरक्षा व्यवस्था
संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि निज़ाम के गहनों को RBI के उच्च सुरक्षा विभाग में रखा गया है। यहाँ न केवल भौतिक सुरक्षा, बल्कि सुरक्षा तकनीक, वीडियो निगरानी और विशेष गार्डिंग का प्रबंध भी किया गया है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि संग्रह की सम्पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित है और किसी भी प्रकार की चोरी या हानि की संभावना न्यूनतम है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार समय-समय पर इस संग्रह का निरीक्षण करती रहती है और सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाती रहती है। यह उपाय इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि निज़ाम के गहनों का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मूल्य अत्यधिक है
संसद में चर्चा
राज्यसभा में मंत्री ने स्पष्ट किया कि हैदराबाद में प्रदर्शनी का कोई प्रस्ताव अभी नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल संग्रह का सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं हो रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में सुझावों और नीतियों का मूल्यांकन करती रहेगी।
सांसदों ने भी कहा कि यह संग्रह जनता के लिए उपलब्ध होना चाहिए। उनके अनुसार, ऐतिहासिक धरोहर केवल संग्रहालय में सुरक्षित रखने से नहीं, बल्कि जनता तक पहुँचाने से अर्थपूर्ण होती है। मंत्री ने इस पर सहमति जताई और कहा कि सुरक्षा और संरक्षण सर्वोपरि हैं, और उसी के आधार पर भविष्य में कोई निर्णय लिया जाएगा
आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व
निज़ाम के गहनों का महत्व केवल भौतिक मूल्य तक सीमित नहीं है। यह संग्रह हैदराबाद और भारत की सांस्कृतिक विरासत और इतिहास का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें शामिल हीरे, मोती और बहुमूल्य रत्नों की कीमत अरबों में आंकी जाती है।
इतिहासकारों का कहना है कि यह संग्रह निज़ामों के वैभव और उनकी कला, शिल्प और रत्न सज्जा की परंपरा को दर्शाता है। यदि यह संग्रह सुरक्षित रूप से संरक्षित और प्रदर्शित किया जाए, तो यह भारत के पर्यटन और सांस्कृतिक अध्ययन में भी योगदान देगा
सरकार का दृष्टिकोण
संस्कृति मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि संग्रह की सुरक्षा के साथ-साथ इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता बनी रहे। किसी भी तरह की लापरवाही या जल्दबाजी संग्रह के नुकसान का कारण बन सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सार्वजनिक हित और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। भविष्य में, यदि सुरक्षा उपाय और प्रदर्शनी के तरीके सुनिश्चित किए जा सकें, तो संग्रह का सार्वजनिक प्रदर्शन संभव हो सकता है।
संसद में प्रतिक्रिया
सांसदों ने कहा कि यह संग्रह केवल हैदराबाद या तेलंगाना राज्य की धरोहर नहीं,संसद – बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत है। उन्होंने यह भी सुझाया कि सरकार संग्रह के डिजिटल प्रदर्शनों और वर्चुअल टूर का विकल्प भी सोच सकती है।
कुछ सांसदों ने इस पर जोर दिया कि संग्रह का शैक्षिक और शोध उद्देश्यों के लिए उपयोग भी किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझ सके।
मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया – संसद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निज़ाम के गहनों को लेकर जनता में भी जिज्ञासा और उत्सुकता है। लोग चाहते हैं कि संग्रह सुरक्षित रहते हुए भी जनता के लिए दिखाई जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्रदर्शनी और स्थायी संग्रहालय के माध्यम से यह संभव है कि संग्रह सुरक्षित भी रहे और जनता तक पहुँच भी सके।
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