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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जिसे सरकार ने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम बताया है। इस बजट में आर्थिक विकास, टैक्स सुधार, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट का उद्देश्य न केवल मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से निपटना है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए मजबूत आधार तैयार करना भी है।

बजट की मुख्य थीम: विकास + समावेशन

बजट 2026-27 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें विकास और समावेशन दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है। सरकार ने किसानों, युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्ग और MSME सेक्टर को प्राथमिकता दी है। साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्थिरता पर जोर दिया गया है।

इनकम टैक्स: मध्यम वर्ग को राहत, स्थिरता पर जोर

इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, जिससे टैक्सपेयर्स को स्थिरता का भरोसा मिला है। सरकार का मानना है कि बार-बार टैक्स स्लैब बदलने से अनिश्चितता बढ़ती है, इसलिए मौजूदा ढांचे को बरकरार रखा गया है।

नए टैक्स रिजीम के प्रमुख स्लैब

  • ₹4 लाख तक: टैक्स फ्री
  • ₹4–8 लाख: 5%
  • ₹8–12 लाख: 10%
  • ₹12–16 लाख: 15%
  • ₹16–20 लाख: 20%
  • ₹20–24 लाख: 25%
  • ₹24 लाख से अधिक: 30%

सरकार ने स्पष्ट किया कि नया टैक्स रिजीम अब डिफॉल्ट सिस्टम बना रहेगा, जिससे टैक्स फाइलिंग सरल होगी। इससे मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारियों को लंबी अवधि में फायदा मिलने की उम्मीद है।

रेलवे बजट : हाई-स्पीड रेल और वंदे भारत पर जोर

रेलवे को इस बजट में बड़ी सौगात मिली है। सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है, जिससे प्रमुख आर्थिक शहरों के बीच यात्रा समय काफी कम होगा।

प्रमुख प्रस्ताव

  • नए वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेन
  • बुलेट ट्रेन नेटवर्क का विस्तार
  • रेलवे सेफ्टी के लिए “कवच सिस्टम” का विस्तार
  • स्टेशनों का आधुनिकीकरण

इन योजनाओं से न केवल यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर: विकास की रीढ़– बजट

बजट 2026-27 में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को बढ़ाकर लगभग ₹12 लाख करोड़ से अधिक कर दिया गया है। यह राशि सड़क, रेलवे, शहरी विकास, स्मार्ट सिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में खर्च की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से:

  • निजी निवेश बढ़ेगा
  • रोजगार सृजन होगा
  • आर्थिक विकास को गति मिलेगी

कृषि और ग्रामीण भारत

कृषि क्षेत्र के लिए बजट में टेक्नोलॉजी आधारित समाधान पर जोर दिया गया है। AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को मौसम, फसल और बाजार से जुड़ी जानकारी देने की योजना है।

मुख्य घोषणाएं

  • कृषि में AI आधारित सलाह प्रणाली
  • ग्रामीण रोजगार योजनाओं का विस्तार
  • कोल्ड स्टोरेज और एग्री-लॉजिस्टिक्स पर निवेश

इन कदमों से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

MSME और स्टार्टअप सेक्टर

बजट 2026-27 में MSME सेक्टर को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कई राहतें दी गई हैं। आसान क्रेडिट, गारंटी स्कीम और डिजिटल फाइनेंस पर जोर दिया गया है।

स्टार्टअप्स के लिए:

  • फंडिंग को आसान बनाने के उपाय
  • टैक्स कंप्लायंस को सरल करने की पहल
  • इनोवेशन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं

सोना-चांदी और महंगाई

बजट से पहले और बाद में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। टैक्स और ड्यूटी ढांचे में स्थिरता रखने की कोशिश की गई है, ताकि ज्वेलरी सेक्टर और उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े।

हालांकि कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से होटल और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ने की आशंका है।

रोजगार और स्किल डेवलपमेंट– बजट

युवाओं के लिए बजट में स्किल डेवलपमेंट और रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। “Education to Employment” मॉडल के तहत शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच बेहतर तालमेल बनाने की योजना है।

  • इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग प्रोग्राम
  • डिजिटल स्किल्स पर जोर
  • महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएं

स्टॉक मार्केट पर असर

बजट के दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। STT और F&O से जुड़े बदलावों के कारण बाजार में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लॉन्ग टर्म में बजट विकास-अनुकूल है

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One thought on “केंद्रीय बजट 2026-27: मध्यम वर्ग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस वाला संतुलित बजट”

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