4 फरवरी 2026 को लोकसभा सदन की कार्यवाही में भारी राजनीतिक विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्धारित लोकसभा में भाषण स्थगित कर दिया गया। पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन सदन में विपक्ष के ज़ोरदार विरोध व हंगामे के कारण यह संभव नहीं हो सका।
क्या हुआ सदन में
लोᵏसभा में विपक्षी सांसदों ने तख्तियां और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। खासकर कुछ महिला सांसदों ने ट्रेजरी बेंच (सरकार के सांसदों की सीट) के पास जाकर घेराव जैसा प्रदर्शन किया, जिससे माहौल और बिगड़ गया। विपक्षी सांसदों के नारेबाजी और आंदोलन के बीच सदन की कार्यवाही कई बार
भाजपा का आरोप
भाजपा सांसदों का कहना है कि विपक्ष particularly महिला सांसदों के बैनर लेकर ट्रेजरी बेंच के पास आने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी। बीजेपी का दावा है कि यह एक योजनाबद्ध विरोध था, जिसकी वजह से प्रधानमंत्री का भाषण असंभव हो गया।
विपक्ष का रुख– सदन
विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक तरीके से सरकार से जवाब मांगने का प्रयास बताया। मामला उस समय और गरमाया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देने से रोका गया, जिससे हंगामा और तेज़ हुआ।
संसदीय गतिरोध का असर
सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित की गई और लोकसभा का सारा शेड्यूल प्रभावित हुआ। यह घटना संसद के बजट सत्र के बीच हुई, जिसकी वजह से कई बहसें और विधायी कार्य आगे पोस्टपोन हुए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
- भाजपा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे सरकार को बोलने से रोक रहे हैं, जबकि
- कांग्रेस नेताओं ने इसे सरकार पर दबाव बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विघ्न डालने की कोशिश बताया।
कुल मिलाकर, 4 फरवरी का दिन संसद की कार्यवाही के लिए एक गंभीर गतिरोध और राजनीतिक टकराव के रूप में याद रखा जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री का भाषण टल गया और संसद की बैठक कल तक स्थगित हो गई।
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