मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel मैक्रों और उनके सामरिक दल ने मुंबई में उतरणा किया, जहां भारत सरकार ने उन्हें औपचारिक सम्मान और स्नेहपूर्वक स्वागत किया। इस यात्रा का लक्ष्य भारत-फ्रांस के बीच गहन रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करना और उभरते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों के साझा हितों को मजबूती देना है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति की यह चौथी भारत यात्रा और पहली बार मुंबई का आगमन ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को “Horizon 2047” रोडमैप के तहत दीर्घकालिक रणनीतिक रिश्तों के रूप में विस्तारित करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
मुंबई में स्वागत और शुरुआती कार्यक्रम – मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित अन्य अधिकारियों ने औपचारिक तौर पर स्वागत किया।
दोनों नेताओं की बैठक आज लोक भवन, मुंबई में अपराह्न लगभग 3:15 बजे रखी गई है, जहां वे अपने द्विपक्षीय संबंधों के विकास और साझा परियोजनाओं के प्रगति पर गहन चर्चा करेंगे। इस बैठक में रक्षा, तकनीकी नवाचार और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श होने की संभावना है।
द्विपक्षीय बैठक: रणनीतिक साझेदारी को मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई महत्वाकांक्षी साझेदारियों को स्थिरता देने का प्रयास शामिल है। दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति का जायजा लेंगे और इसे नए तथा उभरते क्षेत्रों में विस्तारित करने पर जोर देंगे।
इन वार्ताओं का एजेंडा बेहद व्यापक है — रक्षा सहयोग, उभरती तकनीकों (विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – AI), डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष सहयोग, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा विषय शामिल हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों की साझेदारी को और गहराई प्रदान करेगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां तकनीक, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की भूमिका बढ़ रही है।
’India-France Year of Innovation (IFYI) 2026’ का शुभारंभ – मैक्रों

दोपहर की बैठक के बाद, लगभग 5:15 बजे, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों “India-France Year of Innovation 2026” (भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष) का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह पहल भारत और फ्रांस के बीच नवाचार, शोध, स्टार्ट-अप्स, उच्च शिक्षा, और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वर्षभर चलेगी।
इस कार्यक्रम में दोनों देश के बिजनेस लीडर्स, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्ट-अप फाउंडर्स और नवप्रवर्तनकारी मौजूद रहेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम में नवाचार, AI परियोजनाओं, ग्रिन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर विशेष सत्र होंगे।
वर्ष भर चलने वाला यह नवाचार वर्ष, तकनीक और व्यवसाय के संगम को बढ़ावा दे सकता है, जिससे दोनों देशों के युवा उद्यमियों को वैश्विक मंच पर अवसर प्राप्त होंगे।
रणनीति और रक्षा सहयोग: राफेल विमान सौदा
इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण राफेल लड़ाकू विमानों का संभावित मेगा रक्षा सौदा भी है। अनुमान है कि भारत 114 राफेल विमान की खरीद पर विचार कर रहा है, जो कि “Make in India” के तहत भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाएगा।
यह बड़ा रक्षा सौदा दोनों देशों के रक्षा-उद्योग में साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा और साथ ही अनुसंधान एवं विनिर्माण में सहयोग को भी मजबूत करेगा।
यातायात और सुरक्षा तैयारी – मैक्रों
प्रधानमंत्री और फ्रांसीसी राष्ट्रपति की मुंबई यात्रा के मद्देनजर दक्षिण मुंबई में विशेष यातायात बंदोबस्त और सुरक्षा व्यवस्था की गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज मार्ग, महाकवि भूषण मार्ग और अन्य आसपास के मार्गों पर वाहनों के लिए सीमित आवाजाही लागू कर दी गई है, जबकि केवल आपातकालीन सेवाओं को अनुमति दी जा रही है।
मुंबई पुलिस ने यातायात डायवर्जन और वीवीआईपी सुरक्षा उपायों को प्रभावी रूप से लागू किया है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रत्याशित समस्या से बचा जा सके।
वैश्विक रणनीति और भविष्य की योजनाएं
इस दौरे के दौरान दोनों नेता न सिर्फ द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूती देंगे, बल्कि हिंद-प्रशांत सुरक्षा, संयुक्त समुद्री अभ्यास और वैश्विक ऊर्जा-सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भी आगे बढ़ाएंगे।
फ्रांस हमेशा से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता रहा है और यह यात्रा भारत-फ्रांस के वैश्विक नीति एवं सामरिक सहयोग को एक नई दिशा दे सकती है।
AI Impact Summit और आगे का एजेंडा
मुंबई की बैठकों के बाद राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली जाएंगे, जहां वे AI Impact Summit 2026 में हिस्सा लेंगे — यह ग्लोबलदक्षिण (Global South) में आयोजित होने वाला पहला ऐसा वैश्विक AI कार्यक्रम है।
यह शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसमें दुनिया भर के नेता, विशेषज्ञ और तकनीकी कंपनियां भाग ले रही हैं। इसके तहत AI के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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