नई दिल्ली, 19 फ़रवरी 2026: भारत में आयोजित India AI Impact Summit 2026 आज अपने चौथे दिन में है और यह दुनिया के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सम्मेलनों में से एक माना जा रहा है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वैश्विक टेक दिग्गजों का संबोधन किया और इसके साथ ही भारत को AI और तकनीकी नवाचार के वैश्विक मंच पर एक मजबूत नेतृत्व भूमिका देने के उद्देश्य को भी रेखांकित किया गया है।
यह सम्मेलन 16 से 20 फ़रवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में चल रहा है और इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों, 60+ मंत्रियों/उपमंत्रियों, और भारत तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के 500 से भी ज्यादा AI और टेक उद्योग के नेता भाग ले रहे हैं
20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों से PM मोदी की अहम बैठक
आज सुबह पीएम मोदी ने सम्मेलन में शामिल 20 देशों के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने क़रीब 10:25 बजे सम्मेलन को संबोधित किया — जिसमें उन्होंने AI के वैश्विक उपयोग, सहयोग, नीति निर्धारण और सुरक्षित AI के विकास पर जोर दिया। इसी संबोधन से सम्मेलन के मुख्य एजेंडे को आकार मिला।
समारोह के प्रारंभ में मोदी ने सभी प्रमुख नेताओं के साथ एक ग्रुप फोटो भी क्लिक कराया, जो इस वैश्विक तकनीकी बैठक के मजबूत सहयोग और भागीदारी के संदेश को दर्शाता है।
सम्मेलन का विषय: “Sarvajan Hitay, Sarvajan Sukhay”
इस सम्मेलन का मूल विषय “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानी सभी के कल्याण और सभी के सुख के लिए AI टेक्नोलॉजी का उपयोग है। इसका लक्ष्य है कि AI को केवल तकनीक या व्यापार के रूप में न बल्कि समाज की व्यापक जरूरतों के हल के लिए एक साधन बनाया जाये — जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सार्वजनिक सेवाओं, मानव विकास तथा रोजगार विकास।
सम्मेलन में AI के उपयोग को इन्क्लूसिव ग्रोथ (समान रूप से सभी तक पहुँच) के मकसद से देखा जा रहा है ताकि उभरते देशों और विकसित देशों दोनों के हितों को संतुलित किया जा सके
वैश्विक नेताओं और संगठनों की भागीदारी
इस समिट में भागीदारी कर रहे प्रमुख वैश्विक नेताओं में शामिल हैं:
- फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रोन
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
- श्रीलंका, भूटान, सेशेल्स, एस्तोनिया, फिनलैंड, ग्रीस जैसे देशों के प्रमुख प्रतिनिधि
- IMF की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जियेवा सहित कई वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के नेता
- टेक उद्योग के सीईओ और प्रमुख़ नेता
- शोधकर्ता, स्टार्टअप संस्थापक, और एआई विशेषज्ञों के बड़े पैनल
ये सभी सम्मेलन के विभिन्न सत्रों — नीति, एआई शासन, एआई संसाधन लोकतंत्रीकरण, एआई मानव पूंजी, सुरक्षित और भरोसेमंद AI इत्यादि पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
बिलेटेरल बैठक और तकनीकी साझेदारियाँ
पीएम मोदी ने आज सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय (bilateral) बैठकें भी कीं, जिनमे वैश्विक नेताओं और बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों और रणनीतियों का आदान-प्रदान हुआ। इनमें AI के आर्थिक, सामाजिक और नीति-गत प्रभाव पर चर्चा की गयी है।
इसके अलावा, सम्मेलन के साइडलाइन में बड़े CEOs जैसे कुछ प्रमुख टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से पीएम मोदी की बातचीत भी रहेगी — जिसमें निवेश, शोध सहयोग, AI अनुप्रयोगों का विस्तार और AI आपूर्ति श्रृंखलाओं के विषय शामिल हैं
AI Expo और स्टार्टअप प्रदर्शन
सम्मेलन के साथ एआई Impact Expo 2026 भी चल रहा है, जहां भारत और दुनिया भर के स्टार्टअप्स, शोध संस्थान और प्रौद्योगिकी कंपनियाँ अपने एआई आधारित समाधानों का प्रदर्शन कर रही हैं। इसमें लगभग 600+ स्टार्टअप्स भाग ले रहे हैं और उनके AI अनुप्रयोग खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन में हो रहे उपयोगों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
यह एक्सपो AI की विवेकपूर्ण मानव उपयोगिता और सार्वजनिक हित में एआई कार्यान्वयन के नए मॉडल पेश करने का मंच भी है।
सम्मेलन के विषयगत आयाम (प्रमुख विषय)
यह समिट सात अलग-अलग वर्किंग ग्रुप्स में विभाजित है, जिनमें एआई I के निम्नलिखित आयामों पर ध्यान दिया जा रहा है:
AI Impact Summit का वैश्विक अर्थ
यह समिट पहली बार किसी ग्लोबल साउथ देश (भारत) में आयोजित हो रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि AI नीति निर्धारण और वैश्विक AI दिशा-निर्देशों का केंद्र अब केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं रहेगा — बल्कि सबके हितों को शामिल करते हुए वैश्विक स्तर पर निर्णय लिए जायेंगे।
AI Impact Summit तकनीक और नीति के माध्यम से समावेशी विकास, नौकरी संरचना में बदलाव, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक सहयोग पर विचार का मंच भी है।
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