आज सुबह राजधानी दिल्ली के बाहरी उत्तरी हिस्से समयपुर बादली (Chandan Park) इलाके से एक बेहद ही धड़कनें रोक देने वाली और सनसनीखेज घटना की खबर सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पूरे देश को भी स्तब्ध कर दिया है।
इस दर्दनाक हत्याकांड में एक पति पर आरोप है कि उसने अपनी ही पत्नी और तीन छोटे बच्चों की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी फरार है, और उसकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस जांच जारी है।
दिल्ली में हुई वारदात का विवरण
- आज सुबह लगभग 8 बजे, समयपुर बादली स्थित चंदन पार्क इलाके में पड़ोसियों ने घर से किसी हलचल न होने पर पुलिस को सूचना दी।
- जब पुलिस ने घर का दरवाजा खोला, तो ग्राउंड फ्लोर के कमरे में महिला और तीन मासूम बच्चियों के शव खून से लथपथ पड़े मिले।
- सभी के गले पर गहरे कट के निशान थे, जिससे साफ़ जाहिर होता है कि धारदार हथियार से गले काटकर यह हत्या की गई थी।
- वहीं पड़ोसियों की बातों के अनुसार यह एक बड़ी ही क्रूर और योजनाबद्ध हत्या प्रतीत होती है।
पहले की जानकारी – मृतकों की पहचान
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की है:
- अनीता (30 वर्ष) – पत्नी
- तीन बेटियाँ – उम्र लगभग 3, 4 और 5 वर्ष
- परिवार मूलतः बिहार के पटना जिले से है और दिल्ली के आजादपुर मंडी क्षेत्र में सब्जी बेचने वाले के साथ रह रहा था।
आरोपी का विवरण और फरार स्थिति
- मुंचन केवट नामक पति को मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है।
- वह बुधवार सुबह से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में कई टीमों को लगा दी है।
- पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज और पड़ोसियों से पूछताछ कर सबूत इकट्ठा कर रही है ताकि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके।
घटनास्थल पर पुलिस जांच प्रक्रिया
पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को बुलाकर सबूत और साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है, जिससे मृत्यु का सटीक कारण, समय और हथियार सहित अन्य विवरण का पता लगाया जा सके।
दिल्ली में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया
पुलिस ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और भगोड़े आरोपी के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
खास बात यह है कि हत्या की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी स्तर तक इस केस की निगरानी की जा रही है।
पड़ोसियों का बयान
स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार में सुबह से कोई हलचल नहीं थी और घर का दरवाजा बंद था, जिससे संदिग्ध परिस्थितियां बनीं।
पड़ोसियों ने यह भी बताया कि यह घटना इलाके में खुशी-खुशी रहने वाले परिवार के लिए अनपेक्षित थी और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि ऐसा कुछ होगा।
दिल्ली में हुई इस घटना का सामाजिक प्रभाव
- पड़ोसियों में भय का माहौल: इतने छोटे बच्चों और एक महिला की हत्या से इलाके में भय व्याप्त है।
- लोकल सिक्योरिटी पर सवाल: लोग सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक समर्थन ढांचे पर प्रश्न उठा रहे हैं।
- मानसिक स्वास्थ्य पर विचार: कई लोगों का कहना है कि ऐसी घरेलू हिंसा की घटनाओं पर मानसिक स्वास्थ्य और परिवार सहायता नीतियों पर भी विचार होना चाहिए।
विश्लेषण: ऐसे मामलों का सामाजिक परिप्रेक्ष्य
यह घटना न केवल क्राइम रिपोर्ट है बल्कि हमारे समाज में घरेलू हिंसा, मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह जैसे जटिल मुद्दों की ओर भी इशारा करती है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम जरूरी हैं:
- मनोवैज्ञानिक सहायता और काउंसलिंग: परिवारों में तनाव के शुरुआती संकेतों की पहचान और रोकथाम
- पड़ोस और समाज की भूमिका: समुदाय आधारित सहारा नेटवर्क
- आलोचना की बजाय प्रतिक्रिया: ऐसे मामलों में तत्काल पुलिस समर्थन के साथ सहयोग
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