Loading...
Wed. Feb 4th, 2026

दुनिया की तेज़ी से बदलती टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में 4 फरवरी 2026 का दिन एक बड़े भूचाल के रूप में दर्ज किया गया। अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic द्वारा लॉन्च किए गए एक नए अत्याधुनिक AI टूल ने न केवल वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनियों की नींव हिला दी, बल्कि भारतीय IT सेक्टर में भी भारी गिरावट का कारण बन गया। इस घटनाक्रम को टेक और शेयर बाजार की भाषा में “SaaSpocalypse” नाम दिया जा रहा है।

क्या है “SaaSpocalypse”?

“SaaSpocalypse” शब्द दो हिस्सों से मिलकर बना है — SaaS (Software as a Service) और Apocalypse यानी विनाश। इसका अर्थ है ऐसा तकनीकी बदलाव जो पारंपरिक SaaS और IT सर्विस आधारित बिजनेस मॉडल के लिए बड़ा खतरा बन जाए। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Anthropic का नया AI टूल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

Anthropic का नया AI IT टूल क्या करता है?

Anthropic ने अपने लोकप्रिय AI मॉडल Claude को एक नए स्तर पर ले जाते हुए एजेंटिक AI टूल और प्लग-इन सिस्टम लॉन्च किया है। यह AI सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि:

  • जटिल वर्कफ्लो को खुद समझ सकता है
  • एक साथ कई कार्यों को मैनेज कर सकता है
  • कानूनी दस्तावेज़ों की समीक्षा
  • बिजनेस रिपोर्ट और एनालिसिस
  • मार्केटिंग रणनीति तैयार करना
  • कोडिंग, टेस्टिंग और डेटा प्रोसेसिंग जैसे काम
    बिना ज्यादा मानव हस्तक्षेप के कर सकता है।

यही बात निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गई।

भारतीय IT सेक्टर पर सीधा असर

Anthropic के इस ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में IT स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखी गई। एक ही दिन में:

  • NIFTY IT इंडेक्स करीब 6% से ज्यादा टूट गया
  • Infosys, TCS, Wipro, HCL Tech और Tech Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों में 5 से 8 प्रतिशत तक की गिरावट आई
  • निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये डूब गए

विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट 2020 के कोरोना संकट के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावटों में से एक मानी जा रही है।

वैश्विक बाजार में भी मची खलबली

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका और यूरोप की बड़ी सॉफ्टवेयर और SaaS कंपनियों के शेयर भी इस AI डर से नहीं बच सके। Salesforce, Adobe, Intuit, Thomson Reuters जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। अनुमान है कि एक ही दिन में वैश्विक टेक बाजार से करीब 285 से 300 अरब डॉलर का मार्केट कैप साफ हो गया।

निवेशकों में डर क्यों फैला?

दरअसल, पारंपरिक IT और SaaS कंपनियों का बिजनेस मॉडल मानव-आधारित सेवाओं पर टिका हुआ है। बड़ी संख्या में कर्मचारी, लंबे प्रोजेक्ट साइकल और क्लाइंट-बेस्ड बिलिंग इस सेक्टर की पहचान रही है। लेकिन Anthropic का नया AI टूल संकेत देता है कि:

  • कई काम जो पहले इंसान करते थे, अब AI मिनटों में कर सकता है
  • कंपनियों को कम कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी
  • IT सर्विसेज की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा
  • मुनाफे और रोजगार दोनों पर असर पड़ेगा

इसी आशंका ने निवेशकों को शेयर बेचने पर मजबूर कर दिया।

क्या भारतीय IT नौकरियों पर खतरा है?

इस सवाल ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी है। भारत की IT इंडस्ट्री करोड़ों लोगों को रोजगार देती है और देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • शॉर्ट टर्म में घबराने की जरूरत नहीं है
  • लेकिन लंबे समय में IT कर्मचारियों को नई स्किल्स सीखनी होंगी
  • AI टूल्स को अपनाने वाली कंपनियां ही टिक पाएंगी
  • रूटीन कोडिंग, टेस्टिंग और सपोर्ट जॉब्स पर दबाव बढ़ सकता है

यानि खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं है, लेकिन बदलाव तय है।

क्या यह सिर्फ मार्केट पैनिक है?

कुछ टेक विशेषज्ञ और दिग्गज उद्योगपति मानते हैं कि यह गिरावट काफी हद तक मार्केट ओवर-रिएक्शन भी है। उनका कहना है कि:

  • AI टूल्स अभी भी इंसानी समझ और निर्णय की जगह पूरी तरह नहीं ले सकते
  • बड़े प्रोजेक्ट्स में मानव विशेषज्ञों की जरूरत बनी रहेगी
  • कंपनियां AI को खतरे की बजाय अवसर की तरह भी इस्तेमाल कर सकती हैं

हालांकि निवेशक फिलहाल “पहले बेचो, बाद में सोचो” वाली रणनीति अपनाते दिखे।

सरकार और कंपनियों के लिए क्या सबक?

इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि AI अब भविष्य की चीज नहीं, बल्कि वर्तमान की सच्चाई है। सरकार, कंपनियों और कर्मचारियों — तीनों को:

  • AI-रेडी पॉलिसी बनानी होगी
  • स्किल डेवलपमेंट पर जोर देना होगा
  • शिक्षा और ट्रेनिंग सिस्टम को अपडेट करना होगा
  • टेक्नोलॉजी को अपनाने में देरी नुकसानदेह हो सकती है

यह भी पढ़ें – PM मोदी का लोकसभा सदन में संबोधन टला — दिनभर का हंगामा और स्थगन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *