उत्तर प्रदेश के Kanpur से एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया है। रविवार रात को एक रिटायर्ड फौजी ने कथित रूप से अपनी पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी, और इसके बाद खुद ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए थे, जहाँ उनकी बेटी प्रीति मेरठ से पहुंची और शवों को देख फूट-फूटकर रो पड़ीं। इस कांड ने न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में सनसनी फैला दी है।
क्या हुआ था — घटना का संक्षिप्त विवरण – हत्या
- रविवार की रात लगभग 9:50 बजे पिता ने पत्नी और बेटे को गोली मार दी।
- इसके बाद वह रेलवे ट्रैक पर जाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
- सुबह पुलिस को सूचना मिलने पर घर पर पहुंची और तीनों के शव बरामद किए गए।
- शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया है और शुरुआती जांच में मर्डर-सुसाइड पतझड़ सामने आता है। हालांकि अभी तक हत्या के असली कारणों के बारे में आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बेटी प्रीति की करुण प्रतिक्रिया
जैसे ही प्रीति पोस्टमॉर्टम हाउस पहुँची और अपने माता-पिता तथा भाई के शवों को देखा, वह बिलखने लगीं। उन्होंने कहा:
“न पापा बोल रहे हैं, न मम्मी, भइया भी शांत है… आखिर तुम लोगों के साथ किसने ऐसा किया? एक बार तो उठ जाओ… अब हमारा क्या होगा? हम किससे बात करेंगे?”
प्रीति ने यह भी कहा कि मेरे माता-पिता और भाई की हत्या करने वालों को सब-से कठोर सजा मिलनी चाहिए। उनके शब्दों ने मौके पर मौजूद लोगों की आँखें नम कर दीं और सभी को गहरा दर्द महसूस हुआ।
परिवार की बातें और घटना से पहले की स्थिति
प्रीति ने बताया कि उनके माता-पिता कुछ दिनों के लिए घूमने आने वाले थे।
- रविवार रात को मां सुनीता से उन्होंने फोन पर बात की थी।
- बातचीत में कहीं कोई तनाव या परेशानी का संकेत नहीं मिला।
इसलिए अचानक इस तरह का हादसा होने की बात सुनकर उन्हें बड़ा सदमा लगा। परिजन भी घटना के बारे में सुनकर टूट गए। मौके पर मौजूद परिजन और रिश्तेदार उनके दर्द को सहारा देने की कोशिश कर रहे थे।
पोस्टमॉर्टम और आगे की जांच – हत्या
पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।
- मृतक पिता चेतराम पासवान थे।
- मां सुनीता और बेटे का नाम दीप था।
- तीनों का अंतिम संस्कार ड्योढ़ी घाट पर किया गया।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सील कर साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ सबूत जुटा रही है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे तक लाया जा सके।
क्या वजह हो सकती है? परिचितों की शुरुआती बातें
पहले की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक साधारण पारिवारिक विवाद नहीं लग रहा है। पिछले दिनों इसी परिवार से जुड़ी एक अलग रिपोर्ट में बताया गया था कि
- पिता की ऑनलाइन सट्टे की लत तथा
- कर्ज में डूबना और
- खेत-बाड़ी या घर जैसी संपत्ति तक का बिक जाना जैसी समस्याओं ने परिवार को आर्थिक रूप से कमजोर किया था।
इसका तनाव किसी प्रकार से इस घटना की ओर ले गया हो सकता है।
हालांकि, पुलिस की वर्तमान जांच इसी आर्थिक दबाव (online गेम/सट्टा) और मानसिक तनाव की संभावनाओं को भी तौल रही है। अंतिम निष्कर्ष तो जांच के पूरा होने के बाद ही सामने आएगा।
आलोचना और कानून-व्यवस्था के प्रश्न
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या मानसिक दबाव, आर्थिक कर्ज या पारिवारिक तनाव ने पिता को हत्या-आत्महत्या की सीमा तक पहुंचाया?
- क्या समय रहते परिवार और समाज ने मदद का हाथ बढ़ाया होता तो यह दर्दनाक घटना टल सकती थी?
- क्या शासन-प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूर्व चेतावनियों को नहीं पहचान पाए?
ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ित परिवार के लोग चुप रहते हैं, और समस्या बढ़ने पर नियंत्रण मुश्किल हो जाता है। सामाजिक-मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी भी इन घटनाओं को बढ़ावा देती है।
कानून का संदेश – हत्या
बेटी प्रीति की अपील में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि “हत्यारों को सब-से कठोर सजा मिलनी चाहिए।” यह समाज में कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों की आस्था और न्याय की अपेक्षा को दर्शाता है।
पुलिस और न्याय व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी, ताकि ऐसे दर्दनाक घटनाओं के विरुद्ध एक स्पष्ट संदेश जाए कि कोई भी अपराधी कानून से बाहर नहीं रह सकता।
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