रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐ (4/5 स्टार) – बॉक्स ऑफिस पर मर्दानी फ्रैंचाइज़ी की पिछली दोनों फिल्में न सिर्फ व्यावसायिक रूप से सफल रहीं, बल्कि क्रिटिक्स से भी जमकर सराही गईं। इन्हीं दोनों फिल्मों को मिली कामयाबी और तारीफों ने इस सीरीज़ की तीसरी फिल्म ‘मर्दानी 3’ को जन्म दिया। एक बार फिर इस फ्रैंचाइज़ी की कमान रानी मुखर्जी के मजबूत कंधों पर है, जो इस फिल्म में भी अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को झकझोर देती हैं।
पिछले दिनों दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान रानी मुखर्जी ने खुद कहा था कि उन्हें इस तरह के गंभीर और सामाजिक मुद्दों पर आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम करना बेहद पसंद है। शायद यही वजह है कि लंबे समय बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ फिर से मर्दानी यूनिवर्स में लौटने का फैसला किया। ऐसे दौर में जब तीन से साढ़े तीन घंटे की लंबी फिल्में रिकॉर्ड बिजनेस कर रही हैं, वहीं करीब 2 घंटे 6 मिनट की यह फिल्म अपनी कसी हुई स्क्रिप्ट और तेज़ रफ्तार कहानी के चलते हर वर्ग के दर्शकों से सराहना बटोर रही है।
एक ज्वलंत मुद्दे को उठाती ईमानदार कोशिश
‘ मर्दानी 3’ की सबसे बड़ी ताकत इसका विषय है। यह फिल्म छोटी बच्चियों पर हो रहे अपराध, मानव तस्करी और उनकी सुरक्षा जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दे को ईमानदारी और गंभीरता से उठाती है। रानी मुखर्जी ने ऐसे सब्जेक्ट पर फिल्म करने का साहस दिखाया है, जिसे अक्सर टिकट खिड़की के लिहाज से कमजोर माना जाता है। लेकिन निर्देशक और पूरी टीम ने यह साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट मजबूत हो, तो दर्शक खुद-ब-खुद फिल्म से जुड़ जाते हैं।
जहां हिंदी फिल्मों में अक्सर पुलिस को नकारात्मक या भ्रष्ट छवि में दिखाया जाता है, वहीं मर्दानी 3 एक ईमानदार, संवेदनशील और जमीनी पुलिस अधिकारी की तस्वीर सामने रखती है। फिल्म की शुरुआत से ही निर्देशक ने माहौल को गंभीर बनाए रखा है, जो इस तरह के विषय के लिए बिल्कुल जरूरी था।
मर्दानी कहानी (स्टोरी प्लॉट)
फिल्म की कहानी एनआईए (NIA) की तेज़-तर्रार अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय (रानी मुखर्जी) के इर्द-गिर्द घूमती है। शिवानी को एक हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस सौंपा जाता है, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी की बेटी और उसके घर में काम करने वाली नौकरानी की बेटी अचानक गायब हो जाती हैं।
यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि इसी दौरान अलग-अलग इलाकों से 8 से 13 साल की उम्र की 90 से ज्यादा लड़कियां लापता हो चुकी होती हैं। जांच के दौरान शिवानी को पता चलता है कि इसके पीछे एक संगठित मानव तस्करी गिरोह सक्रिय है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, कहानी परत दर परत खुलती जाती है और फिल्म एक ऐसे मोड़ पर पहुंचती है, जिसकी कल्पना दर्शक नहीं करते।
इंटरवल के बाद फिल्म की रफ्तार अचानक इतनी तेज हो जाती है कि अगर आपकी नजर एक पल के लिए भी स्क्रीन से हटे, तो आप कहानी का अहम हिस्सा मिस कर सकते हैं। क्लाइमेक्स न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि लंबे समय तक असर छोड़ता है।
अभिनय (एक्टिंग)
यह फिल्म पूरी तरह रानी मुखर्जी के इर्द-गिर्द घूमती है और उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि यह किरदार उनसे बेहतर कोई नहीं निभा सकता। इस बार शिवानी का किरदार पिछली दोनों फिल्मों से ज्यादा गहराई और विस्तार लिए हुए है। यही वजह है कि रानी ने शूटिंग से पहले करीब 20 दिन की खास वर्कशॉप अटेंड की।
रानी के फेशियल एक्सप्रेशन, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस कमाल की है। चाहे केस का मानसिक दबाव हो, गुस्से के सीन हों या फिर एक पुलिस अधिकारी के भीतर छिपी मानवीय भावनाएं — रानी हर स्तर पर खरी उतरती हैं।
मल्लिका प्रसाद (अम्मा)
फिल्म की विलेन ‘अम्मा’ के रूप में मल्लिका प्रसाद ने शानदार काम किया है। उनका किरदार खामोश लेकिन खतरनाक है। हर सीन में उनकी मौजूदगी डर पैदा करती है। रानी और मल्लिका के आमने-सामने के दृश्य फिल्म की जान हैं।
जानकी बोड़ीवाला
‘शैतान’ और ‘वश’ जैसी फिल्मों के बाद जानकी बोड़ीवाला यहां शिवानी की टीम का हिस्सा बनी हैं। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद वह प्रभाव छोड़ती हैं और अपने किरदार में पूरी तरह फिट नजर आती हैं।
अन्य सहायक कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों को मजबूती से निभाया है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
निर्देशक अभिराज मीनावाला ने कहानी पर शानदार पकड़ दिखाई है। उन्होंने फिल्म को कहीं भी भटकने नहीं दिया। इंटरवल से पहले फिल्म की गति थोड़ी धीमी जरूर लगती है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी जिस ट्रैक पर दौड़ती है, वह दर्शकों को सीट से बांधे रखती है।
बैकग्राउंड स्कोर, सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग फिल्म के मूड को सपोर्ट करती है। बिना किसी गैर-ज़रूरी गाने के फिल्म अपनी गंभीरता बनाए रखती है।
मर्दानी का ओवरऑल रिव्यू
‘मर्दानी 3’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश है, जिसे मनोरंजन के साथ मजबूती से पेश किया गया है। यह फिल्म दिखाती है कि महिला-केंद्रित और गंभीर विषयों पर बनी फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर असरदार हो सकती हैं।
क्यों देखें मर्दानी 3?
- अगर आप रानी मुखर्जी के फैन हैं
- अगर आपको सच्चाई से रूबरू कराने वाली फिल्में पसंद हैं
- अगर आप थ्रिलर और सोशल मैसेज का संतुलित मिश्रण देखना चाहते हैं
तो ‘मर्दानी 3’ को मिस करना आपके लिए बड़ी गलती होगी।
फिल्म विवरण
कलाकार: रानी मुखर्जी, जानकी बोड़ीवाला, मल्लिका प्रसाद
निर्माता: आदित्य चोपड़ा
निर्देशक: अभिराज मीनावाला
सेंसर सर्टिफिकेट: UA
अवधि: 126 मिनट
रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐
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