राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र Bhiwadi में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे कई मजदूर बाहर नहीं निकल सके। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम सात श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य के झुलसने की सूचना है। राहत और बचाव कार्य घंटों तक चलता रहा। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह घटना Alwar जिले के खुश्कहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में केमिकल और अन्य निर्माण इकाइयां संचालित होती हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग सुबह करीब साढ़े नौ बजे लगी और कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री के भीतर फैल गई। फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल और अन्य सामग्री रखी हुई थी, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया।
फैक्ट्री में फंसे मजदूर, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय फैक्ट्री में 25 से 30 मजदूर काम कर रहे थे। आग लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर ही फंस गए। धुएं का गुबार इतना घना था कि अंदर मौजूद लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। दमकल कर्मियों ने अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए दीवारें तोड़कर और खिड़कियां काटकर रास्ता बनाया।
सात मजदूरों की दर्दनाक मौत
राहत और बचाव कार्य के दौरान सात मजदूरों के शव बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई शव बुरी तरह झुलस गए। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो यहां काम करने आए थे।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
आग लगने का कारण संदिग्ध
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या केमिकल रिएक्शन को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक रूप से आग लगने के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ रखा हुआ था। यदि सुरक्षा उपायों में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री को लेकर प्रशासन अलर्ट, इलाके को कराया गया खाली
हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियातन आसपास के इलाकों को खाली करा दिया। बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई ताकि आग और न फैले। पुलिस ने क्षेत्र को सील कर दिया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी।
जिला प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गईं। फैक्ट्री के दस्तावेजों और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।
फैक्ट्री हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख
Bhajanlal Sharma ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने के आदेश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री की औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में अक्सर सुरक्षा उपकरणों की कमी, फायर सेफ्टी सिस्टम की अनुपस्थिति और आपातकालीन निकास मार्गों के अभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि केमिकल फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और कर्मचारियों को आपातकालीन प्रशिक्षण दिया जाना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
जांच के आदेश, रिपोर्ट का इंतजार
राज्य सरकार ने हादसे की न्यायिक जांच के संकेत दिए हैं। औद्योगिक विभाग और फायर सेफ्टी अधिकारियों की संयुक्त टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री का संचालन नियमों के अनुसार हो रहा था या नहीं।
मृतकों के परिवारों को मुआवजे की घोषणा पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे Rajasthan में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। वे फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भिवाड़ी जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक शहर में इस प्रकार की घटना ने प्रशासन और उद्योग संचालकों दोनों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
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