देश की नागरिक उड्डयन मंत्रालय ( MoCA ) ने दिसंबर 2025 में हवाई यात्रियों के सामने आने वाली परेशानियों के समाधान के लिए एक 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (Passenger Assistance Control Room – PACR) शुरू किया है। यह कदम खासकर उन समस्याओं के बीच आया है जो पिछले माह भारतीय विमानन क्षेत्र में बढ़ी व्यवधानों और उड़ानों के रद्द होने से उत्पन्न हुईं। इस कंट्रोल रूम का उद्देश्य यात्रियों को समय पर सहायता देना, शिकायतों का शीघ्र निराकरण करना और एयरलाइन संचालन के दौरान उत्पन्न खामियों को कम करना है।
कंट्रोल रूम की भूमिका और लक्ष्य – MoCA
PACR एक समन्वित पहल है जिसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अधिकारी शामिल हैं। यह नियंत्रण कक्ष दिन-रात (24×7) कार्य करते हुए यात्रियों की शिकायतों, उड़ान देरी, टिकट रिफंड, बैगेज खो जाने जैसी समस्याओं का रियल-टाइम में समाधान प्रदान करता है।
निगरानी प्रणाली के तहत अधिकारी
✔ उड़ानों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करते हैं
यात्रियों से प्राप्त कॉल और शिकायतों का विश्लेषण करते हैं
एयरलाइंस तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हैं
✔ समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हैं
यह पूरे विमानन क्षेत्र में समन्वित प्रतिक्रिया व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है, जिससे यात्रा अनुभव में सुधार की उम्मीद है।
शिकायत निपटान में सुधार – MoCA
नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा के बयान के अनुसार, PACR के माध्यम से अब तक 13,000 से अधिक शिकायतें सफलतापूर्वक सुलझाई जा चुकी हैं। इनमें फ्लाइट कैंसिलेशन, बैगेज खो जाना, ऑनबोर्ड सुविधाओं में कमी और टिकट रिफंड जैसी जटिल समस्याएँ शामिल हैं।
उनका मानना है कि इस तरह का समन्वय और तत्काल कार्रवाई यात्रियों का भरोसा बढ़ाती है तथा एयरलाइन संचालन की विश्वसनीयता को भी मजबूती देती है। विशेष रूप से एयरसेवा (AirSewa), सोशल मीडिया और कॉल-चैनलों के ज़रिये प्राप्त शिकायतें अब कई एजेंसियों के बीच साझा और त्वरित रूप से संबोधित होती हैं।
यात्रियों की आम परेशानियाँ
PACR को मिली शिकायतें मुख्यतः निम्नलिखित विषयों पर आधारित रही हैं:
उड़ानों का समय पर न होना या रद्द हो जाना
. बैगेज खो जाना या डैमेज होना
ऑनबोर्ड भोजन न प्राप्त होना
�. टिकट रिफंड में देर होना
एयरपोर्ट सुविधाओं के संबंध में अभाव
DGCA और विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधियों ने बताया कि PACR के माध्यम से इन मुद्दों की समीक्षा और प्राथमिकता के अनुसार समाधान किया जाता है। टिकट रिफंड, विशेष रूप से इंडिगो एयरलाइंस से जुड़ी समस्याओं को जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश जारी है।
इंडिगो संकट और PACR का गठन
इस नियंत्रण कक्ष को शुरू करने का एक बड़ा कारण पिछले माह इंडिगो एयरलाइंस के संचालन में आई गंभीर व्यवधानें थीं। भारत में कई उड़ानों के रद्द या देरी होने के कारण यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
इन व्यवधानों को लेकर सरकार ने उच्च-स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन कारणों से उड़ानों में व्यवधान आए और भविष्य में इन्हें कैसे रोका जा सकता है। इस मुद्दे पर जांच रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है और उसे सरकारी अधिकारियों के पास सौंपा गया है।
PACR की कार्यप्रणाली – कैसे मिलता है समाधान?
PACR पर काम करने वाली टीम आम तौर पर निम्नलिखित प्रक्रियाओं का पालन करती है:
- शिकायत प्राप्ति: एयरसेवा पोर्टल, सोशल मीडिया, कॉल सेंटर और अन्य चैनलों पर दर्ज शिकायतें PACR टीम को भेजी जाती हैं।
- तत्काल मूल्यांकन: शिकायतों को प्राथमिकता के अनुसार रैंक किया जाता है ताकि गंभीर मामलों को पहले सुलझाया जा सके।
- एयरलाइंस के साथ समन्वय: समस्या के प्रकार के आधार पर संबंधित एयरलाइंस को तुरंत प्रतिक्रिया और निर्देश जारी किये जाते हैं।
- समाधान एवं फीडबैक: 72 घंटों के भीतर अधिकतर शिकायतों का समाधान किए जाने का लक्ष्य रखा जाता है और यात्रियों को फीडबैक दिया जाता है।
यात्रा-अनुभव में सुधार
PACR की स्थापना से विमानन क्षेत्र में समग्र ग्राहक सेवा में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। उड्डयन सचिव के अनुसार यह निर्देशन, प्रतिक्रिया और समाधान की प्रक्रिया को एक ढांचागत रूप देता है, बजाय इसके कि समस्याओं का सामना यात्रियों को अकेले ही करना पड़े। The Economic Times
उल्लेखनीय है कि यात्रियों के बीच विमान सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ाने के लिए यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यात्रियों की समस्या का त्वरित समाधान उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान करता है और एयरलाइन उद्योग की सेवाओं को भी अधिक प्रतिस्पर्धी बनाता है।
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