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आज 05 फरवरी 2026 को संसद के बजट सत्र (Budget Session) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में राष्ट्रपति के अभिभाषण (President’s Address) पर धन्यवाद प्रस्ताव (Motion of Thanks) पर अपना विस्तृत उत्तर दिया। यह अवसर संसद के इस सत्र का महत्वपूर्ण पल था, जिसमें सरकार ने देश की उपलब्धियों, नीतियों और राष्ट्रिय एजेंडा पर जोरदार रूप से बात की और विपक्षी दलों की टिप्पणियों का जवाब भी दिया।

सत्र के दौरान भारी राजनीति और हंगामे के बीच यह भाषण सामने आया। विपक्ष के सांसदों ने चर्चा के दौरान वॉक-आउट किया और कई मौकों पर नारेबाजी भी की गई, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने बिना विचलित हुए अपने संबोधन में देश के विकास की यात्रा, आर्थिक उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

1. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर – राज्यसभा

प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत में संसद सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर देना एक सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है, जिसने देश को “विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा” में अग्रसर किया है।

मोदी ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे देश की जनता की आस्था, नीति-निर्धारण और सरकार की दृढ़ता रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि केवल आज की नहीं, बल्कि उस विश्वास और समर्थन का परिणाम है जो 10 वर्षों से लगातार जनता द्वारा दिया गया है।

2. विपक्ष पर तीखा हमला और राजनीतिक परिदृश्य

भाषण के दौरान विपक्षी दलों द्वारा बार-बार नारेबाजी करने पर पीएम मोदी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मोहब्बत की दुकान वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगा रहे हैं”, लेकिन यह केवल हंसी और अफ़सोस का विषय है। उन्होंने कहा कि यह देश की जनता के विश्वास का अपमान है कि कुछ लोग प्रधानमंत्री के प्रति ऐसे नकारात्मक नारे लगा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि उनके पास न तो स्पष्ट Vision है, न योजना है जिससे देश वास्तव में आगे बढ़ सके। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के नीतिगत फैसलों के कारण देश को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन आज की स्थिति में भारत विश्व मंच पर मजबूती से खड़ा है।

3. आर्थिक प्रगति और वैश्विक पहचान

मोदी ने यह दावा किया कि देश अब सिर्फ विकास की राह पर नहीं बल्कि विकसित भारत (Viksit Bharat) की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। 2014 में देश 11वीं अर्थव्यवस्था होने के बाद भारी चुनौतियों से गुजर रहा था, परंतु आज यह उपलब्धियों को हासिल कर रहा है।

उन्होंने साझा किया कि भारत ने कई बड़े व्यापारिक समझौते जैसे यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका के साथ बहुपक्षीय व्यापार समझौते किए हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है और विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इन समझौतों का सबसे बड़ा लाभ युवाओं को मिला है, क्योंकि वैश्विक संगठनों में भारतीय पेशेवरों और तकनीकी कर्मचारियों की मांग बढ़ी है। इससे भारत की मानव संसाधन क्षमता भी विश्व स्तर पर मान्यता पा रही है।

4. सरकारी नीतियों का परिणाम – राज्यसभा

मोदी ने अपने भाषण में कई नीतिगत निर्णयों को उदाहरण के तौर पर लिया:

  • एनपीए (Non-Performing Assets) को कम किया गया, जिससे बैंकों का स्वास्थ्य सुधरा है।
  • पीएसयू (Public Sector Undertakings) को सफल बनाया गया, जो अब रिकॉर्ड लाभ कमा रहे हैं।
  • देश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिला है और आज लाखों स्टार्टअप देश में सक्रिय हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, यातायात और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है।

मोदी ने उल्लेख किया कि पहले सैकड़ों गाँवों में बिजली नहीं थी; अब 18,000 गाँवों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है। यह उपलब्धि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा के लिए एक बड़ा कदम है।

5. विपक्षी आरोपों का जवाब

राज्यसभा में भाषण के बीच उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचनाओं का भी जवाब दिया — खासकर उन आरोपों पर कि सरकार उनके विचारों को दबा रही है या जनता की अपेक्षाओं से पीछे है। मोदी ने कहा कि राजनीति में आलोचना होना सामान्य है, परंतु देश की प्रगति को रोकना किसी भी दल के हित में नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का विकास मॉडल एक समावेशी मॉडल है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को अवसर और सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल सत्ता पाने का बाजार नहीं है; यह देश के नागरिकों के भविष्य का निर्धारण करने का मंच है।

6. भाषण का सार और आगे की दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लंबे भाषण का समापन यह कहकर किया कि देश की विकास यात्रा जारी है और 2030 तक भारत को पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सेवा रही है, सत्ता नहीं।

उन्होंने यह दोहराया कि “देश की जनता ही सरकार का रिमोट है” और जनता के समर्थन से ही यह सरकार राष्ट्र निर्माण के कार्य को सिद्ध कर रही है

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