पंजाब में 5 फरवरी 2026 को पुलिस ने गिरफ्तारी और अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें राज्य भर में 681 चिन्हित स्थानों पर छापेमारी की गई और 274 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की नेतृत्व वाली सरकार के दिशा-निर्देशों पर संचालित “Gangstran Te Vaar” मुहिम के तहत की जा रही है, जिसका लक्ष्य राज्य को गैंगस्टर तथा संगठित अपराधमुक्त बनाना है। इस अभियान में अधिक हथियार और अपराध से जुड़े सहयोगियों की पहचान, गिरफ्तारियाँ और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शामिल है।
यह मुहिम पंजाब पुलिस के एंटी-गैंगस्टर टास्क फ़ोर्स (AGTF) और सभी जिलों की पुलिस टीमों द्वारा 17वें दिन लगातार चलाई जा रही है, जिसमें ऐसे स्थानों को निशाना बनाया गया जिनसे गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी आर्थिक, हथियार और समर्थन प्रणाली चलती है। इस मोर्चे पर पुलिस ने चार हथियार और 11 ज़िंदा कारतूस भी बरामद किए हैं, जिससे यह अभियान और अधिक प्रभावी दिख रहा है
मुख्य बिंदु: क्या हुआ कार्रवाई में?
- 681 छापे राज्य के कई जिलों में किए गए, जिनमें गैंगस्टर सहयोगी तथा संदिग्ध अपराधियों के मौजूद संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
- पुलिस ने 274 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े कई लोग शामिल हैं।
- 4 हथियार और 11 ज़िंदा कारतूस बरामद हुए — यह बताता है कि असल हथियार तथा आपराधिक गतिविधियों के साधन भी पुलिस की पकड़ में आए हैं।
- प्रोक्लेम्ड ऑफ़ेंडर्स (POs) यानी वांछित गैंगस्टर सहयोगियों में से भी 27 लोगों को गिरफ्त में लिया गया।
- साथ ही 135 लोगों पर रोक-थाम कार्रवाई की गई और 248 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ा गया।
यह अभियान डीजीपी पंजाब गौरव यादव के निर्देशन में चल रहा है और इसका उद्देश्य सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध नेटवर्क को मूल स्तर पर ध्वस्त करना है।
क्या है “Gangstran Te Vaar” अभियान? – 274 गिरफ्तार
“Gangstran Te Vaar” एक बड़ा कानून-व्यवस्था अभियान है जिसे 20 जनवरी 2026 को पंजाब में संगठित अपराधियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के रूप में शुरू किया गया था। इस मुहिम का लक्ष्य राज्य में गैंग और अपराधी प्रभाव को कम से कम करना है।
यह मुहिम Anti-Gangster Task Force (AGTF) के समन्वय में चल रही है, जिसमें पंजाब पुलिस के सभी विभागों के सहयोग से पैटर्न-मैपिंग, निगरानी और लक्ष्य निर्धारण की प्रक्रिया शामिल है, ताकि अपराध नेटवर्क को शुरू से ही भेद दिया जा सके।
पुलिस का कहना है कि यह अभियान सार्वजनिक सुरक्षा, संघटित अपराध से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने के प्रयासों का हिस्सा है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस अभियान के दौरान गैंगस्टरों के सहयोगी, आर्थिक नेटवर्क तथा हथियार आपूर्ति स्रोतों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
POLICE की ओर से जारी संदेश और हेल्पलाइन – 274 गिरफ्तार
पुलिस ने जनता से सूचना साझा करने और गैंगस्टर तथा आपराधिक गतिविधियों की जानकारी देने का आग्रह भी किया है। इसके लिए एक Anti-Gangster Helpline नंबर 93946-93946 जारी किया गया है, जिस पर लोग गुमनाम रूप से अपराध से जुड़े सुराग दे सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोग भी सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से भाग लें और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग करें।
साथ ही जारी है नशा विरोधी अभियान
इसी दिन पंजाब पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ भी अभियान जारी रखा है, जो “Yudh Nashian Virudh” नाम से कई महीनों से जारी है। इस मुहिम के तहत पुलिस ने अकेले आज 95 ड्रग स्मगलरों को गिरफ्तार किया, साथ ही 445 ग्राम हेरोइन, 516 नशीली टैबलेट/कैप्सूल और लगभग ₹39,020 ड्रग मनी जब्त की। इससे राज्य में ड्रग तस्करी और नशे के खिलाफ कार्रवाई में गंभीर रूख दिखता है।
यह अभियान मुख्यमंत्री भगवंत मान की ड्रग-मुक्त पंजाब योजना का हिस्सा है और पिछले 341 दिनों से लगातार इसकी कार्रवाई जारी है, जिसमें अब तक लाखों ग्राम हेरोइन तथा हजारों तस्करों को हिरासत में लिया जा चुका है
कार्रवाई का प्रभाव और आगे का रास्ता
- इस अभियान से राज्य भर में गैंगस्टर नेटवर्क पर दबाव पड़ा है, जिससे आपराधिक गतिविधियों और हथियारों के प्रसार पर कुछ नियंत्रण हासिल हुआ है।
- गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी से संगठित अपराध नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी।
- लोगों को जागरूक करने और पुलिस के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए हेल्पलाइन का प्रयोग एक अहम कदम है।
- नशा विरोधी मुहिम “Yudh Nashian Virudh” के तहत चल रहा अभियान भी नशे का नेटवर्क तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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