बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता राजपाल यादव ने आज 05 फ़रवरी 2026 को नई दिल्ली में स्थित तिहाड़ जेल के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi HC) ने उनके चेक बाउंस (Cheque Bounce) मामले में सरेंडर की समय सीमा बढ़ाने से मना कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें जेल में रिमांड पर भेजा गया, जहाँ वे आगे की कानूनी कार्रवाई और सजा का सामना करेंगे।
इस मामले को बॉलीवुड और कानूनी जगत में काफी ध्यान मिला है क्योंकि यह एक प्रसिद्ध अभिनेता का लंबित ऋण विवाद और कोर्ट आदेश के पालन से जुड़ा मामला है, जिसमें कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया।
मामला क्या है?
राजपाल यादव पर एक चेक बाउंस मामला (Section 138 NI Act) दर्ज हुआ था, जिसमें उन पर लगभग ₹9 करोड़ की देय राशि थी। ये मुख्य रूप से एक कंपनी M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से सम्बन्धित देनदारियों से जुड़ा है, जहाँ उन्होंने प्रदत्त चेक्स बाउंस कर दिए थे और समय पर भुगतान नहीं किया।
नीचे दिए गए बिंदु इस विवाद के प्रमुख तथ्य हैं:
- कोर्ट ने आदेश दिया था कि उन्हें ₹1.35 करोड़ प्रति मामले के हिसाब से देय राशि का भुगतान करना था, कुल मिलाकर बड़े भुगतान बकाया थे।
- पहले राशि का कुछ हिस्सा (₹75 लाख) हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को जमा कराया गया था, लेकिन शेष देय राशि का भुगतान नहीं हुआ।
- इस कारण अदालत ने कई आदेश दिए, जिनमें समय-समय पर सरेंडर और भुगतान की समय सीमा तय की गई थी।
- राजपाल यादव की तरफ से बार-बार कोर्ट से अनुरोध किया गया कि उन्हें और समय दिया जाए ताकि वह कुछ राशि चुका सकें, परन्तु अदालत ने कई बार यह अवसर भी रद्द कर दिया।
हाई कोर्ट का रुख और आदेश – राजपाल यादव
दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने यह स्पष्ट कर दिया कि अदालत अब अधिक समय नहीं दे सकती। कोर्ट ने कहा कि कई मौकों पर यादव ने अदालत के आदेशों और अपने दावों का पालन नहीं किया है, जिससे न्याय के प्रति उनका व्यवहार अनुचित प्रतीत हुआ।
मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
- 2 फ़रवरी को कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि राजपाल यादव को 4 फ़रवरी 2026 शाम 4 बजे तक सरेंडर करना होगा।
- वकील के अनुरोध पर अदालत ने पहले दो दिनों के सतर्क विस्तार (grace period) दिया था, लेकिन अब कोर्ट ने अंततः इसे निरस्त कर दिया।
- अदालत ने कहा कि इस प्रकार की समय-समय पर राहत देना न्याय व्यवस्था का सम्मान कम करता है, क्योंकि बार-बार अवहेलना की गई है।
- अदालत ने यह भी कहा कि सरेंडर करना पहले है, उसके बाद ही देय भुगतान के बारे में आगे देखा जाएगा।
राजपाल यादव का सरेंडर और जेल में प्रवेश
आज, 05 फ़रवरी 2026 की शाम लगभग 4 बजे, राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया। जेल प्रशासन के अनुसार अब उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) के अनुसार हिरासत में लिया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।
यह आत्मसमर्पण इसीलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अदालत ने कोर्ट के आदेशों का पालन न करने के कारण उन्हें जेल में पेश होने का निर्देश दिया। इससे पहले कई अवसरों पर उन्हें राहत देने या समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अदालत ने हर बार यह कहा कि कोर्ट का आदेश मानना प्रथमिकता है।
राजपाल यादव का पेशा और विवाद का सामाजिक प्रभाव
राजपाल यादव भारतीय फिल्म और मनोरंजन जगत के एक चर्चित अभिनेता हैं, जिन्हें मुख्य रूप से कॉमेडी और character роли के लिए जाना जाता है। अपने करियर में उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया है, जिनमें भूलभुलैया, चुप चुप के, मुजसे शादी करोगी आदि शामिल हैं। उनकी अभिनय शैली को दर्शकों ने काफी सराहा है। (सन्दर्भ: मनोरंजन जगत की सामान्य जानकारी)
कुछ समय तक न्यायिक प्रक्रिया में देरी और विवादों की खबरें मीडिया में भी प्रकाशित हुईं, जिससे यह मामला न केवल कानून बल्कि सेलिब्रिटी कानूनी जवाबदेही के संदर्भ में भी उभरा है। अदालत का यह फैसला दर्शाता है कि कानून सभी के लिए बराबर रूप से लागू होता है, चाहे व्यक्ति कितना प्रसिद्ध ही क्यों न हो।
मामले की वर्तमान स्थिति और आगे की प्रक्रिया
अब राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन्हें छह महीने की सजा का पालन करना होगा, जैसा कि निचली अदालत ने तय किया था। जेल में रहने के दौरान उनका आगे का कानूनी रास्ता (appeal) जारी रहेगा, जिससे वे भविष्य में उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू की कोशिश कर सकते हैं।
साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि कोर्ट के आदेशों का पालन करना सबसे पहला क़ानूनी दायित्व है — चाहे वह भुगतान हो या सरेंडर का आदेश। इस प्रकार, यह मामला सेलिब्रिटी विवाद और बैंकिंग/व्यापारिक ऋण मामलों में कानूनी जवाबदेही का एक उदाहरण बन गया है।
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