दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने आज ब्लू हाउस (Cheong Wa Dae) वापस आकर देश की राजनीतिक दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया है। यह कदम राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनका पूर्ववर्ती यून सुक येओल प्रशासन तीन साल से अधिक समय तक इस ऐतिहासिक राष्ट्रपति भवन का इस्तेमाल नहीं कर रहा था और अपनी कार्यक्षेत्र को रक्षा मंत्रालय के परिसर में स्थानांतरित कर दिया था।
ली जे म्यूंग ने जून 2025 में देश के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, लेकिन ब्लू हाउस में प्रथम आधिकारिक कदम आज 29 दिसंबर को रखा गया है — यह पहला मौका है जब किसी राष्ट्रपति ने 9 मई 2022 के बाद से ब्लू हाउस का आधिकारिक उपयोग किया है।
इस कदम को राजनीतिक संस्कृति और प्रशासनिक प्रतिमान में बदलाव के लिए एक प्रतीकात्मक पुनर्स्थापना माना जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक पहचान और सार्वजनिक विश्वास को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत देता है।
ब्लू हाउस: इतिहास और राजनीतिक महत्व – दक्षिण कोरिया
“ब्लू हाउस” या Cheong Wa Dae 250,000 वर्ग मीटर (62 एकड़) में फैला एक विशाल राष्ट्रपति परिसर है, जो सियोल के उत्तर में Gyeongbokgung Palace के पास स्थित है। यह स्थान दक्षिण कोरिया की आज़ादी के बाद से देश का आधिकारिक राष्ट्रपति कार्यालय रहा है, और इसकी नींव ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में मजबूत है।
पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन के कार्यकाल के अंतिम दिन यानी 9 मई 2022 तक यह कार्यालय लगातार इस्तेमाल में रहा, उसके बाद युन सुक येओल ने इसका उपयोग बंद कर दिया।
युन के अनुसार, ब्लू हाउस सार्वजनिक संपर्क के लिए बहुत अलग-थलग स्थित था, इसलिए उन्होंने इसे हटाकर रक्षा मंत्रालय परिसर में स्थानांतरित करना बेहतर बताया — एक ऐसा कदम जिसका खर्च लगभग 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताया गया था।
सुक येओल का प्रशासन और विवाद – दक्षिण कोरिया
युन सुक येओल एक कड़े रूढ़िवादी नेता रहे हैं और उन्होंने ब्लू हाउस से हटने का निर्णय लेते हुए यह तर्क दिया कि मंत्रालय परिसर अधिक लोकतांत्रिक और सार्वजनिक रूप से अधिक सुलभ होगा।
हालाँकि, उनका प्रशासन कई राजनीतिक संकटों से भी घिरा रहा।
🔹 दिसंबर 2024 में उन्होंने मार्शल लॉ (martial law) की घोषणा की, जो केवल कुछ घंटों के भीतर हटा दी गई थी।
इसके बाद उन्हें महाभियोग का सामना करना पड़ा, और अप्रैल 2025 में संविधानिक कोर्ट के फैसले से उन्हें पद से हटाया गया।
🔹 जुलाई 2025 में उन्हें गिरफ्तार कर जमानत के बिना रखा गया, और वे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनमें विद्रोह जैसे अपराध भी शामिल हैं।
इन राजनीतिक घटनाओं के कारण दक्षिण कोरिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संसदीय शक्ति संतुलन पर व्यापक बहस शुरू हो गई थी।
ली जे म्यूंग का रणनीतिक कदम: ब्लू हाउस में वापसी
ली जे म्यूंग ने आज अपने राष्ट्रपति पद की शुरुआत ब्लू हाउस लौटकर की। यह केवल एक भौतिक वापसी नहीं, बल्कि राजनैतिक प्रतीकात्मकता का एक बड़ा संकेत है।
उनके कार्यालय के अनुसार:
✔ उन्होंने ब्लू हाउस के मैदान पर राष्ट्रपति ध्वज फिर से फहराया, जिसमें दो फीनिक्स का प्रतीक शामिल है, जो शक्ति और पुनरुत्थान का प्रतीक मानी जाती है।
उनके आने पर सुरक्षा बलों ने सलामी दी, और समर्थकों ने दक्षिण कोरियाई झंडे के साथ उनका स्वागत किया।
✔ ली जे म्यूंग ने वरिष्ठ सलाहकारों के साथ चाय बैठक भी की — एक संकेत जिस पर यह दर्शाया गया कि वे अपने प्रशासनिक कामकाज को पारंपरिक कार्यालयों से संचालित करना चाहेंगे।
उनके कार्यालय ने कहा कि वे हाल के समय में एक अलग भाग में स्थित राष्ट्रपति आवास से ब्लू हाउस में नियमित रूप से आएंगे, जब तक कि पूर्ण शिफ्ट की तारीख तय हो जाए।
इस निर्णय को व्यापक रूप से पारंपरिक मूल्यों को सम्मान देना, राजनीतिक स्थिरता की दिशा में कदम, और पूर्व प्रशासन से दूरी बनाए रखना के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक माहौल और प्रतिक्रिया
ली जे म्यूंग की यह वापसी दक्षिण कोरिया में राजनीतिक समीकरण पर प्रभाव डाल सकती है:
🔸 लोकतांत्रिक पुनर्स्थापना का संकेत
ब्लू हाउस लौटना यह संकेत देता है कि ली का प्रशासन राजनीतिक और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में कदम उठा रहा है।
पूर्व नेतृत्व की समीक्षा
पूर्व राष्ट्रपति युन सुक येओल से जुड़े आरोप और उनके खिलाफ चल रही जांचें अब भी जारी हैं। उनकी फरार क्रियाओं और विद्रोह के आरोप पर सुनवाई हो रही है, जो दक्षिण कोरियाई राजनीति में गहरा प्रभाव डाल सकती है। Reuters
न्यायपालिका का दबदबा
देश की संसद ने बगावत और विद्रोह के मामलों के लिए विशेष न्यायपीठों की स्थापना का विधेयक भी पारित किया है, ताकि कई उच्च-स्तरीय मामलों को एक व्यवस्थित तरीके से निपटाया जा सके।
उम्मीद जताई जा रही है कि ये कदम देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधिक प्रक्रियाओं को मजबूती देंगे, और एक स्थिर राजनीतिक दिशा सुनिश्चित करेंगे।
भविष्य की राह और चुनौतियाँ
ली जे म्यूंग के प्रशासन के सामने कई चुनौतियाँ हैं:
🔹 पुरानी आलोचना से उबरने और सामाजिक विश्वास को बहाल करना
पूर्व राष्ट्रपति के मामलों के परिणाम को प्रभावी ढंग से संबोधित करना
🔹 अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोरिया की भूमिका को पेश करना
विशेष रूप से पूर्व राष्ट्रपति से जुड़े कई न्यायिक निर्णय जनवरी 2026 में आने वाले हैं, जो देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
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