भारतीय सिनेमा की दुनिया में आज एक ऐतिहासिक दिन है, खासकर मराठी सिनेमा के लिये। 2025 में रिलीज़ हुई मराठी फ़िल्म ‘ दशावतार ’ को आगामी 98वें अकादमी पुरस्कार (Oscars 2026) के लिये ऑस्कर कंटेंशन लिस्ट (Oscar Contention List) में शामिल किया गया है — एक ऐसी सूची जिसमें विश्व भर से भेजे गये हजारों फिल्मों में से सिर्फ़ चुनिंदा 150-250 ही जगह पाते हैं। इस उपलब्धि के साथ ‘दशावतार’ पहली मराठी फिल्म बन गयी है जिसे ऑस्कर की मुख्य ओपन फिल्म श्रेणी में जगह मिली है — जो मराठी फिल्म इंडस्ट्री के लिये गर्व का एक बहुत बड़ा पल है।
यह खबर न सिर्फ़ महाराष्ट्र और भारत भर के सिनेप्रेमियों के लिये खुशी की बात है, बल्कि यह साबित करती है कि क्षेत्रीय भाषाओं के लिये बनी फिल्मों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिल सकती है — जब कहानी, कला, अभिनय और दुनिया को दिखाने की क्षमता चारों ओर से दबंग और प्रभावशाली हो।
कंटेंशन लिस्ट में चयन का अर्थ क्या है?
ऑस्कर अवार्ड्स की कंटेंशन लिस्ट वह प्रारंभिक चयन सूची होती है जिसमें विश्व भर से दर्जनों देशों की फ़िल्में जगह पाती हैं और जिनका मूल्यांकन अकादमी के सदस्य आगे नॉमिनेशन (Nomination) के लिये करते हैं। इस लिस्ट में शामिल होना ऑस्कर दौड़ में पहला औपचारिक पड़ाव है — इससे फिल्म औपचारिक रूप से प्रतियोगिता की प्रक्रिया में प्रवेश करती है।
जैसे कि ऑस्कर की प्रणाली में होता है:
दुनिया भर से हजारों फिल्में भेजी जाती हैं,
उनमें से 150-250 फिल्मों को मुख्य कंटेंशन लिस्ट में चुना जाता है,
इसके बाद अलग-अलग श्रेणियों के लिये नॉमिनेशन तय किया जाता है,
और अंत में विजेताओं की घोषणा औपचारिक ऑस्कर अवॉर्ड्स समारोह में होती है।
इस प्रक्रिया में “कंटेंशन लिस्ट में शामिल होना” फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाई-डिफ़िनिशन विज़िबिलिटी और अकादमी के वोटर्स तक पहुंच देता है — जो भविष्य में नॉमिनेशन और अवॉर्ड्स जीतने की दिशा में कदम बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
दशावतार — पहली मराठी फिल्म जो ऑस्कर कंटेंशन लिस्ट में शामिल हुई
‘दशावतार’ — यह फिल्म 12 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और दर्शकों तथा समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया पाई थी। यह फिल्म दिलीप प्रभावळकर के नेतृत्व में बनी है और इसमें महेश मांजरेकर, सिद्धार्थ मेनन, प्रियदर्शिनी इंदलकर, भरत जाधव, अभिनय बेर्डे, रवि काले, सुनील तावडे, आरती वाडगबाळकर, और अन्य कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएँ निभायी हैं।
फिल्म के रचनात्मक पक्ष का श्रेय इसके निर्देशक सुबोध खानोलकर, ओशियन फ़िल्म कंपनी, ज़ी स्टूडियोज़ और पूरी टीम को जाता है, जिन्होंने मराठी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने में अथक प्रयास किया है।
सिनेमा की दुनिया में यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है? दशावतार
1. क्षेत्रीय सिनेमा का ग्लोबल मान्यता पाना
मराठी सिनेमा अपने मूल में बहुत समृद्ध है, लेकिन ऑस्कर जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना हमेशा आसान नहीं रहा है। ‘दशावतार’ का मुख्य कंटेंशन लिस्ट में चयन यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय कथा, संस्कृति और कलात्मकता को मान्यता मिल सकती है, बशर्ते उसे सही मंच मिले और उसका सही तरीके से प्रस्तुतिकरण हो।
2. पहली मराठी फिल्म अकादमी स्क्रीनिंग रूम में प्रदर्शित
यह फिल्म वह भी बनी है जिसे ऑस्कर अकादमी स्क्रीनिंग रूम में दिखाया जायेगा — अर्थात अकादमी के वोटर्स को यह फिल्म आधिकारिक मंच पर देखने का मौका मिलेगा जैसा कि विश्व स्तरीय फिल्मों को मिलता है। यह पुरस्कार प्रणाली के Voting Phase में अहम भूमिका रखता है।
3. भारतीय सिनेमा में मराठी सिनेमा का दबदबा
अभी तक भारतीय सिनेमा में हिंदी फ़िल्में और कुछ दक्षिण भारतीय फिल्में अधिक अंतरराष्ट्रीय मान्यता पाती दिखी हैं। ‘दशावतार’ की यह उपलब्धि दिखाती है कि मराठी सिनेमा भी अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर सकता है, और यह अन्य क्षेत्रीय फिल्मों के लिये एक प्रेरणास्वरूप क्षण है।
निर्माताओं और कलाकारों की प्रतिक्रिया
दिग्दर्शक सुबोध खानोलकर और निर्माताओं ने सोशल मीडिया के ज़रिये अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सिर्फ़ ‘दशावतार’ का चयन नहीं है, बल्कि यह मराठी फिल्मों की एक लंबी यात्रा और संघर्ष का सम्मान है। उन्होंने लिखा कि अभिनय, कड़ी मेहनत, विश्वसनीयता और दृढ़ विश्वास ने इस उपलब्धि की नींव डाली है।
उन्होंने आगे कहा कि यह मान्यता मराठी सिनेमा को विश्व सिनेमा मानचित्र पर उजागर करने में मदद करेगी और आने वाले समय में मराठी फिल्म निर्माताओं के लिये नए दरवाज़े खोलेगी।
अब आगे क्या होगा? – दशावतार
अब ‘दशावतार’ ऑस्कर 2026 की कंटेंशन लिस्ट में शामिल होने के बाद अगले चरण की ओर बढ़ी है:
अकादमी सदस्य फिल्म को देखने के लिये स्क्रीनिंग रूम में देखेंगे,
जनवरी 12-16, 2026 के बीच वोटिंग चरण होगा,
जनवरी 22, 2026 को नॉमिनेशन की घोषणा की जाएगी,
मार्च 15, 2026 को लॉस एंजिल्स में ऑस्कर अवॉर्ड्स समारोह आयोजित होगा।
अगर ‘दशावतार’ नॉमिनेशन में भी जगह बनाती है, तो यह मराठी सिनेमा के लिये एक और ऐतिहासिक उपलब्धि और गौरव की बात होगी।
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