कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। दशहरे के दिन भारी भीड़ को देखते हुए रामलीला कमेटी ने कई अहम फैसले लिए हैं। अब मैदान में दर्शकों की संख्या एक लाख पहुंचते ही प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, सुरक्षा के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ज्यादा मार्शल तैनात किए गए हैं।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के मुताबिक, कोलकाता में भगदड़ की घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए कमेटी की आपात बैठक बुलाई गई थी। इसी बैठक में रामलीला स्थल की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के उपायों पर चर्चा की गई।
एक लाख दर्शक होते ही बंद होगा प्रवेश
कमेटी ने फैसला किया है कि दशहरे के दिन लाल किला मैदान में एक लाख दर्शक पहुंचते ही लोगों की एंट्री रोक दी जाएगी। इसका उद्देश्य मैदान में ज्यादा भीड़ जमा होने से रोकना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है।
जो लोग मैदान के अंदर प्रवेश नहीं कर पाएंगे, उनके लिए बाहर LED स्क्रीन लगाई गई हैं। इन स्क्रीन के जरिए लोग बाहर से भी रामलीला देख सकेंगे।
CCTV कैमरे और मार्शल की संख्या बढ़ाई गई
रामलीला स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं। भीड़ पर नजर रखने और लोगों की मदद करने के लिए अधिक मार्शल भी तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा, सभी प्रवेश द्वारों के पास रेत की बोरियां और आग बुझाने वाले सिलेंडर रखे गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से एंबुलेंस और दिल्ली फायर ब्रिगेड की ओर से दमकल गाड़ियों की व्यवस्था भी की गई है।
दशहरे पर दो प्रमुख सड़कों पर बंद रहेगी वाहनों की आवाजाही
दशहरे के दिन रामलीला में आने वाले लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और रामलीला कमेटी के बीच चर्चा के बाद नेताजी सुभाष मार्ग और लाल किला मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। इन रास्तों पर प्रतिबंध का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और लोगों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है।
कुल मिलाकर, कोलकाता की भगदड़ की घटना के बाद दिल्ली की लव कुश रामलीला में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। एक लाख दर्शकों की सीमा, अतिरिक्त CCTV कैमरे, मार्शल, एंबुलेंस और दमकल की व्यवस्था के जरिए दशहरे के दिन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की तैयारी की गई है।



