दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को प्रशासन ने तुरंत कैंपस खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की मांगों को सैद्धांतिक मंजूरी दिए जाने के बाद ज्यादातर छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी और प्रदर्शन वापस ले लिया। हालांकि, कुछ छात्र अभी भी नॉर्थ कैंपस के गुलिस्तान-ए-गालिब भवन और गालिब लॉन में धरने पर बैठे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, छात्रों को समझाने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों और अधिकारियों की एक टीम ने तीन घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की, लेकिन कुछ छात्र धरना खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुए। प्रशासन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई विभागों के ताले तोड़े गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
नोटिस में छात्रों से तुरंत धरना स्थल और भवन खाली करने को कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
150 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक 150 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान की गई है। मामले में एक और एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना है। दिल्ली पुलिस को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से अब तक चार शिकायतें मिल चुकी हैं।
कैंपस में जबरन घुसने के मामले में पहले ही FIR
विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर जबरन घुसने के मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इस मामले में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी, समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य शाहनवाज खान और AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, तीन सांसदों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जानकारी दिल्ली पुलिस ने लोकसभा अध्यक्ष को भी भेजी है।
CCTV और ड्रोन फुटेज की हो रही जांच
दिल्ली पुलिस मामले की जांच के लिए मोबाइल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरों और ड्रोन कैमरे से मिली फुटेज की भी जांच कर रही है। रजिस्ट्रार की ओर से मिली अन्य शिकायतों की जांच के बाद एक और एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि जामिया कैंपस के बाहर हंगामा करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले से जुड़े सबूत जुटा रही है और जांच जारी है।



