दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली होने जा रही है। इसे लेकर पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ रामलीला मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
इस दौरान मंच, सुरक्षा, पार्किंग, पीने के पानी, मीडिया व्यवस्था और रैली में आने वाले लोगों की सुविधाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान दिल्ली कांग्रेस प्रभारी काजी निजामुद्दीन, अनिल भारद्वाज, एन. रघुवीर रेड्डी, पूर्व मंत्री हारून यूसुफ, पूर्व मेयर फरहाद सूरी और कई अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रैली में 10 लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी ने 20 कमेटियां बनाई हैं। इन कमेटियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों के बैठने, भीड़ संभालने और दूसरी जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इस रैली में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। यादव ने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चलाया जा रहा अभियान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोगों के वोट देने के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस जनता के मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठा रही है।
राहुल गांधी के अभियान से जुड़ रहे छात्र संगठन
देवेंद्र यादव ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संविधान और लोकतंत्र बचाने के अभियान को गरीबों, मजदूरों, किसानों और पेशेवर लोगों का समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कई छात्र संगठन भी इस रैली में शामिल होंगे। यादव ने बीजेपी पर छात्रों की आवाज और विचारों की स्वतंत्रता को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र एसआईआर प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के खिलाफ भी आंदोलन में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
देवेंद्र यादव ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई हर नागरिक के मतदान के अधिकार को बचाने के लिए है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा नहीं दे देते और बीजेपी उन्हें जेल नहीं भेज देती।
कांग्रेस का कहना है कि रामलीला मैदान की यह रैली लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए उसके आंदोलन का एक अहम हिस्सा है।



