म्यांमार में शुक्रवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। स्थानीय समय के अनुसार रात 10:36 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गई। फिलहाल किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है म्यांमार
म्यांमार को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील देशों में गिना जाता है। इसकी वजह यह है कि यह देश भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा टेक्टोनिक प्लेटों के मिलने वाले क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों की हलचल के कारण यहां भूकंप आने का खतरा बना रहता है।
1,400 किलोमीटर लंबी फॉल्ट लाइन से खतरा
म्यांमार में सागाइंग फॉल्ट नाम की करीब 1,400 किलोमीटर लंबी प्रमुख दरार है। इसे देश में भूकंप आने का एक बड़ा कारण माना जाता है।
इस फॉल्ट के कारण सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून जैसे इलाकों में भूकंप का खतरा रहता है। इन क्षेत्रों में देश की लगभग 46 प्रतिशत आबादी रहती है।
यांगून शहर पर भी भूकंप का असर पड़ सकता है
यांगून शहर सागाइंग फॉल्ट से दूर स्थित है, लेकिन यहां बड़ी आबादी होने के कारण भूकंप से नुकसान का जोखिम बना रहता है।
इतिहास में भी इसका उदाहरण देखने को मिला है। वर्ष 1903 में बागो में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका असर यांगून तक महसूस किया गया था।
फिलहाल, शुक्रवार रात आए 5.2 तीव्रता के भूकंप के बाद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।



