दिल्ली में कांग्रेस की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च के बीच मेट्रो स्टेशनों को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 12 अक्टूबर को सुरक्षा कारणों से छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए थे। बाद में इन्हें खोलने की जानकारी दी गई, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद DMRC ने अपना फैसला बदल दिया।
DMRC ने शाम 4 बजकर 6 मिनट पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सभी बंद मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। साथ ही, यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलने की भी जानकारी दी गई।
हालांकि, करीब 18 मिनट बाद शाम 4 बजकर 24 मिनट पर DMRC ने एक और पोस्ट किया। इसमें कहा गया कि छह मेट्रो स्टेशनों को शाम 5 बजे तक बंद रखा जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही इन्हें खोलने या बंद रखने पर फैसला लिया जाएगा।
DMRC ने पहले क्या जानकारी दी थी?
DMRC ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पहले बताया था कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी संबंधित स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा भी उपलब्ध होने की बात कही गई थी।
लेकिन बाद में जारी दूसरे अपडेट ने यात्रियों के बीच असमंजस पैदा कर दिया।
कौन-कौन से छह मेट्रो स्टेशन किए गए थे बंद?
कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के मार्च और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के छह स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद करने का फैसला लिया गया था।
इनमें शामिल हैं:
- जनपथ मेट्रो स्टेशन
- मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन
- बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशन
- केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन
- राजीव चौक मेट्रो स्टेशन
- पटेल चौक मेट्रो स्टेशन
DMRC ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया था। स्टेशनों को दोबारा खोलने का फैसला सुरक्षा समीक्षा के आधार पर लिया जाना था।



