सनातन धर्म में हरियाली तीज और हरतालिका तीज दोनों का विशेष महत्व माना जाता है। दोनों त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित हैं, लेकिन दोनों की तारीख, परंपरा और व्रत के नियम अलग-अलग हैं।
हरियाली तीज कब है?
हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां पहनती हैं, हाथों में मेहंदी लगाती हैं और झूला झूलती हैं।
कई महिलाएं इस दिन व्रत भी रखती हैं, हालांकि हरियाली तीज पर व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना जाता।
हरतालिका तीज कब है?
हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इसे कई जगह बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है।
इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए यह कठिन व्रत किया था।
दोनों तीज में क्या अंतर है?
- हरियाली तीज सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है, जबकि हरतालिका तीज भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है।
- हरियाली तीज का व्रत अपेक्षाकृत सरल माना जाता है और कई जगह फलाहार की परंपरा है। हरतालिका तीज में महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं।
- हरियाली तीज पर हरे कपड़े, हरी चूड़ियां, मेहंदी और झूले की परंपरा है।
- हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की पूजा, मिट्टी या बालू से उनकी प्रतिमा बनाना और कई जगह रात्रि जागरण करने की परंपरा है।
दोनों ही त्योहारों में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। NEWS24news एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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