प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ऑटोबायोग्राफी ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कोविंद के जीवन के संघर्षों को याद किया और युवाओं को भी कई अहम बातें बताईं।
युवाओं को शॉर्टकट से दूर रहने की सलाह
पीएम मोदी ने कहा कि आज रील और सोशल मीडिया का दौर है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवाओं को आसानी से प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे समय में युवाओं को शॉर्टकट की सोच से बचना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें अपनी पसंद के लोगों की ऑटोबायोग्राफी जरूर पढ़नी चाहिए। इससे इतिहास को समझने और लोगों के संघर्षों से सीखने का मौका मिलता है।
रामनाथ कोविंद के संघर्षों को किया याद
पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तारीफ करते हुए कहा कि उनका जीवन बताता है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से मुश्किल परिस्थितियों को पार किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बचपन में एक हादसे में कोविंद ने अपनी मां को खो दिया था। यह घटना उनके लिए बेहद दुखद थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आगे बढ़ते रहे।
देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे कोविंद
पीएम मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद का जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानी राष्ट्रपति तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी कोविंद आराम नहीं कर रहे हैं और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद के व्यक्तिगत संघर्षों की सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की भी जीत है।
मैं मां की कमी महसूस करता हूं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने इस दौरान अपनी मां को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं भाग्यशाली रहा हूं। मेरी मां 100 साल से ज्यादा आयु तक जीवित रही और मुझे आशीर्वाद देती रही। उसके बावजूद भी मैं आज भी मां की कमी महसूस करता हूं।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता हीराबेन मोदी का निधन 30 दिसंबर 2022 को हुआ था।
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