Strait of Hormuz Attack: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एक वीडियो सामने आया है, जिसमें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़ी नावों को एक कमर्शियल जहाज को घेरते और उस पर फायरिंग करते देखा जा सकता है। इस जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे। हमले के दौरान भारतीय क्रू ने जहाज के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। बाद में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित पाए गए।
जहाज को चारों तरफ से घेर लिया गया
सामने आए वीडियो में समुद्र के बीच एक बेहद तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 22 अप्रैल 2026 को हुई थी, लेकिन इसका वीडियो अब सार्वजनिक किया गया है। जहाज में कुल 22 क्रू सदस्य थे, जिनमें 21 भारतीय थे।
वीडियो में कथित तौर पर ईरानी नावों को जहाज के आसपास देखा जा सकता है। इसके बाद फायरिंग शुरू होती है और जहाज पर मौजूद नाविक अपनी सुरक्षा के लिए अंदर की तरफ भागते दिखाई देते हैं।
RPG से भी फायरिंग का दावा
इस हमले का सबसे खौफनाक हिस्सा वह है, जब वीडियो में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड यानी RPG दागे जाने की बात सामने आई है। फुटेज में फायरिंग के बाद जहाज के अंदर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। भारतीय नाविकों ने खुद को सुरक्षित जगह पर ले जाकर अपनी जान बचाई।
समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चिंता बताया है। उनका कहना है कि केवल एडवाइजरी जारी करने से संघर्ष वाले समुद्री इलाकों में काम कर रहे नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
21 भारतीय नाविक सुरक्षित
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद 21 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। भारत के शिपिंग मंत्रालय की ओर से भी पहले बताया गया था कि ईरानी नावों की फायरिंग की घटना में भारतीय क्रू सुरक्षित था।
हालांकि, जिस स्थिति में जहाज को घेरा गया और फायरिंग की गई, उसने भारतीय नाविकों के सामने मौजूद जोखिम को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
क्यों बेहद अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल और LNG व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग में जहाजों की आवाजाही पहले ही बुरी तरह प्रभावित हुई है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य स्तर की तुलना में काफी कम हो गई है।
ऐसे में किसी जहाज पर हमला या उसे जबरन रोकना केवल उस जहाज और उसके क्रू के लिए खतरा नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
भारत के लिए बढ़ी चिंता – होर्मुज
इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन क्षेत्र में काम करते हैं। संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्रों में भारतीय क्रू की मौजूदगी भारत के लिए सुरक्षा और कूटनीतिक दोनों तरह की चुनौती बन जाती है।
भारत का शिपिंग मंत्रालय पहले ही ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति को लेकर भारतीय जहाजों और नाविकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुका है।
पहले भी भारतीय जहाजों पर बनी थी स्थिति
यह पहली बार नहीं है जब होर्मुज में भारतीय जहाजों को ईरानी सैन्य बलों की कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो। अप्रैल 2026 में दो भारतीय-फ्लैग वाले जहाजों पर ईरानी गनबोट्स की ओर से फायरिंग की खबर सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, किसी व्यक्ति को चोट नहीं लगी थी और जहाजों को नुकसान भी नहीं हुआ था, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा था।
एक अन्य घटना में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक भारत जाने वाले जहाज को भी रोक लिया था।
इन घटनाओं से साफ है कि होर्मुज में काम करने वाले भारतीय नाविक लगातार जोखिम वाले माहौल में काम कर रहे हैं।
होर्मुज में लगातार बढ़ रहा समुद्री खतरा – होर्मुज
पिछले कुछ समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की संख्या तेजी से बढ़ी है और समुद्री यातायात में भी भारी गिरावट आई है।
18 अगस्त को भी क्षेत्र में समुद्री यातायात को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की ओर से समुद्री यातायात को निशाना बनाकर मिसाइलें दागे जाने की बात सामने आई और एक बल्क कैरियर के इंजन रूम पर हमला हुआ, जिसमें उसके चीफ इंजीनियर की मौत हुई।
भारत की ऊर्जा सप्लाई पर भी असर

होर्मुज में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है। भारत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और LNG का आयात करता है और इस क्षेत्र से आने वाली सप्लाई महत्वपूर्ण है।
अगर समुद्री रास्ते में लंबे समय तक बाधा बनी रहती है तो तेल, गैस और शिपिंग की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल, LPG और दूसरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
यही वजह है कि भारत के लिए होर्मुज में अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
समुद्री संगठनों ने उठाई सुरक्षा की मांग – होर्मुज
भारतीय नाविकों से जुड़े संगठन इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। वीडियो जारी करने वाले संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों और संबंधित सरकारों से संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे नाविकों की सुरक्षा के लिए ज्यादा ठोस कदम उठाने की मांग की है।
संगठनों का तर्क है कि जहाजों को केवल सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश देना पर्याप्त नहीं है। जब किसी क्षेत्र में सशस्त्र हमले हो रहे हों, तब क्रू की सुरक्षा के लिए प्रभावी एस्कॉर्ट, निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की जरूरत होती है।
VIDEO ने फिर बढ़ाई चिंता
इस पूरी घटना का वीडियो अब सामने आने के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में है। वीडियो में दिखाई देने वाले दृश्य बताते हैं कि समुद्र में काम करने वाले क्रू को कितने गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, वीडियो को लेकर सामने आई रिपोर्टों में हमलावरों की पहचान को कथित IRGC बलों से जोड़ा गया है। इसलिए घटना के हर तकनीकी और सैन्य पहलू की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
भारत के लिए आगे की चुनौती
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव जारी रहने की स्थिति में भारत को अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखनी होगी। साथ ही, क्षेत्र में फंसे या जोखिम वाले इलाकों से गुजर रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग तलाशना भी चुनौती होगी।
भारत पहले ही समुद्री सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी कर चुका है। अब सवाल यह है कि अगर होर्मुज में तनाव और बढ़ता है तो भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षा व्यवस्था किस स्तर तक मजबूत की जाती है।
निष्कर्ष
Strait of Hormuz Indian Crew Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय क्रू वाले एक जहाज पर कथित IRGC हमले का वीडियो सामने आने से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जहाज पर 21 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिन्होंने हमले के दौरान जहाज के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। सभी भारतीय क्रू सुरक्षित रहे।
वीडियो में जहाज को घेरने, फायरिंग और कथित RPG हमले के दृश्य सामने आए हैं। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब होर्मुज में पहले से ही तनाव चरम पर है और समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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