ईद मिलादुन्नबी मुस्लिम समुदाय के प्रमुख धार्मिक अवसरों में से एक है। इसे मौलिद या मौलिद-अन-नबी भी कहा जाता है। यह दिन पैगंबर हजरत मुहम्मद के जन्म की याद में मनाया जाता है। इस साल ईद मिलादुन्नबी 26 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।
ईद मिलादुन्नबी क्यों मनाई जाती है?
इस्लामी परंपरा के अनुसार, ईद मिलादुन्नबी पैगंबर हजरत मुहम्मद के जन्म की याद में मनाई जाती है। उन्हें इस्लाम का अंतिम पैगंबर माना जाता है।
इस दिन मुस्लिम समुदाय उनके जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करता है। पैगंबर मुहम्मद ने लोगों को एकेश्वरवाद, दया, न्याय, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया।
सुन्नी और शिया समुदाय में तारीख अलग
ईद मिलादुन्नबी मनाने की तारीख को लेकर सुन्नी और शिया समुदाय में अंतर पाया जाता है।
- सुन्नी मुस्लिम आमतौर पर 12 रबी-उल-अव्वल को यह दिन मनाते हैं।
- शिया मुस्लिम 17 रबी-उल-अव्वल को इसे मनाते हैं।
ईद मिलादुन्नबी का इतिहास
इतिहासकारों के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद का जन्म करीब 570 ईस्वी में मक्का में हुआ था।
ईद मिलादुन्नबी को सार्वजनिक रूप से मनाने की परंपरा के शुरुआती प्रमाण फातिमी शासनकाल के मिस्र से जुड़े हैं। बाद में यह परंपरा कई मुस्लिम क्षेत्रों तक फैल गई।
आज भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, ब्रिटेन, रूस और जर्मनी समेत कई देशों में मुस्लिम समुदाय इस अवसर को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ मनाता है।
इस दिन क्या किया जाता है?
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर अलग-अलग जगहों पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
- मस्जिदों में विशेष नमाज और दुआ की जाती है।
- कुरआन की तिलावत की जाती है।
- पैगंबर मुहम्मद के जीवन और शिक्षाओं पर तकरीरें होती हैं।
- कई जगहों पर जुलूस और धार्मिक सभाएं आयोजित की जाती हैं।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन और दान दिया जाता है।
- लोग साफ या नए कपड़े पहनकर इबादत करते हैं।
इस्लाम में कितनी ईद मनाई जाती हैं?
मुस्लिम समुदाय में प्रमुख रूप से दो ईद मनाई जाती हैं—ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा। इसके अलावा कई मुस्लिम समुदाय ईद मिलादुन्नबी को भी धार्मिक-सांस्कृतिक अवसर के रूप में मनाते हैं।
- ईद-उल-फितर: रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को।
- ईद-उल-अजहा: जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को, जिसे बकरीद भी कहा जाता है।
- ईद मिलादुन्नबी: रबी-उल-अव्वल महीने में पैगंबर मुहम्मद के जन्म की याद में मनाई जाती है।
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