हमारी उम्र सिर्फ जन्म की तारीख से तय नहीं होती। शरीर के अलग-अलग अंग अलग गति से बूढ़े हो सकते हैं। इसी ‘बायोलॉजिकल एज’ को समझने के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक टोनी वायस-कोरे और उनकी टीम ने खून में मौजूद प्रोटीन के आधार पर एक तरीका विकसित किया है। इस रिसर्च में 11 अलग-अलग अंगों की जैविक उम्र का अनुमान लगाया गया।
कैसे पता चलेगी अंगों की उम्र?
वैज्ञानिकों ने खून में मौजूद करीब 3,000 प्रोटीन का विश्लेषण किया। इनमें से कुछ प्रोटीन खास अंगों से जुड़े होते हैं। इनके स्तर और पैटर्न को देखकर वैज्ञानिक यह अनुमान लगाते हैं कि कोई अंग व्यक्ति की वास्तविक उम्र के मुकाबले कितना ‘जवान’ या ‘बूढ़ा’ है।
इस रिसर्च में 44,498 लोगों के डेटा का इस्तेमाल किया गया और उनकी सेहत को 17 साल तक ट्रैक किया गया। अध्ययन में दिमाग, हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी, मांसपेशियों, धमनियों, अग्न्याशय, आंत, फैट और इम्यून सिस्टम जैसे 11 अंगों को देखा गया।
दिमाग की उम्र बढ़ी तो अल्जाइमर का खतरा ज्यादा
रिसर्च में सबसे खास बात दिमाग को लेकर सामने आई। जिन लोगों का दिमाग उनकी वास्तविक उम्र से काफी ज्यादा ‘बूढ़ा’ पाया गया, उनमें अल्जाइमर होने का खतरा करीब तीन गुना ज्यादा था।
वहीं, जिन लोगों का दिमाग उनकी उम्र के मुकाबले ज्यादा ‘जवान’ पाया गया, उनमें मृत्यु का जोखिम कम देखा गया।
कई अंग बूढ़े हों तो खतरा और बढ़ता है
रिसर्च के मुताबिक, अगर शरीर के कई अंगों की जैविक उम्र ज्यादा पाई जाती है, तो भविष्य में बीमारी और मृत्यु का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं, खास तौर पर जवान दिमाग और मजबूत इम्यून सिस्टम लंबे और स्वस्थ जीवन से जुड़े पाए गए।
डॉक्टरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रिसर्च?
वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में इस तरह की जांच से डॉक्टरों को यह पहचानने में मदद मिल सकती है कि किसी व्यक्ति को उम्र से जुड़ी बीमारी का खतरा ज्यादा है या नहीं।
अगर किसी अंग की जैविक उम्र सामान्य से ज्यादा दिखाई देती है, तो डॉक्टर समय रहते जीवनशैली में बदलाव, निगरानी या अन्य जरूरी कदमों पर ध्यान दे सकते हैं।
हालांकि, यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि यह रिसर्च अभी मुख्य रूप से जोखिम का अनुमान लगाने और शोध के स्तर पर है। इसे सामान्य अस्पतालों में नियमित जांच के रूप में इस्तेमाल करने के लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है।
यानी आसान भाषा में कहें तो: यह तकनीक भविष्य में सिर्फ यह नहीं बताएगी कि आपकी उम्र कितनी है, बल्कि यह भी संकेत दे सकती है कि आपके शरीर के अलग-अलग अंग आपकी उम्र के हिसाब से कितने स्वस्थ हैं।
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