आजकल हमारी डाइट में शक्कर काफी ज्यादा शामिल हो गई है। चाय, कॉफी, मिठाई, बिस्किट, केक, कोल्ड ड्रिंक और कई पैकेज्ड फूड में भी शक्कर होती है।
ऐसे में अगर कोई व्यक्ति एक महीने तक अतिरिक्त शक्कर (Added Sugar) कम कर दे, तो शरीर में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि शुरुआत में मीठा खाने की इच्छा बढ़ सकती है और कुछ लोगों को थोड़ी परेशानी भी महसूस हो सकती है। समय के साथ शरीर कम मीठे का आदी हो सकता है।
मीठा खाने की इच्छा हो सकती है कम
अगर आप रोज मिठाई, चॉकलेट, बिस्किट या मीठे पेय लेते हैं, तो शुरुआत में इन्हें छोड़ना मुश्किल लग सकता है। बार-बार मीठा खाने का मन कर सकता है।
लेकिन कुछ समय बाद मीठे की क्रेविंग कम हो सकती है। इसके बाद फल जैसी प्राकृतिक रूप से मीठी चीजें भी आपको ज्यादा मीठी लग सकती हैं।
वजन कम करने में मिल सकती है मदद
ज्यादा शक्कर वाली चीजों में कैलोरी अधिक होती है। खासकर कोल्ड ड्रिंक, मिठाई, केक और मीठे पैकेज्ड फूड कम करने से रोजाना की कैलोरी कम हो सकती है।
अगर इसके साथ आपका खान-पान संतुलित रहे और शारीरिक गतिविधि भी हो, तो वजन कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि सिर्फ शक्कर छोड़ने से हर व्यक्ति का वजन कम होना जरूरी नहीं है।
एनर्जी में हो सकता है सुधार
बहुत ज्यादा मीठा खाने के बाद कुछ समय के लिए ऊर्जा बढ़ी हुई महसूस हो सकती है, लेकिन बाद में थकान भी हो सकती है।
Added sugar कम करने और संतुलित भोजन लेने से दिनभर ऊर्जा में होने वाले उतार-चढ़ाव कम महसूस हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना और सही समय पर पौष्टिक भोजन करना भी जरूरी है।
दांतों के लिए फायदेमंद
ज्यादा शक्कर खाने से दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया शक्कर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बनने वाला एसिड दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसलिए मिठाई और मीठे पेय जैसी चीजों को कम करने से दांतों की सेहत को फायदा मिल सकता है। साथ ही नियमित रूप से ब्रश करना और मुंह की सफाई रखना भी जरूरी है।
खाने की आदतों में आ सकता है बदलाव
एक महीने तक Added Sugar कम करने से आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि आप दिनभर में कितनी मीठी चीजें खाते हैं।
धीरे-धीरे मीठे की जरूरत कम हो सकती है और आप पैकेज्ड फूड के लेबल पर मौजूद Added Sugar पर भी ध्यान देने लग सकते हैं। इससे लंबे समय में बेहतर और संतुलित खाने की आदत बनाने में मदद मिल सकती है।
ध्यान रखें: यहां शक्कर कम करने का मतलब मुख्य रूप से मिठाई, मीठे पेय और अन्य Added Sugar वाले खाद्य पदार्थों को कम करना है। फल और दूध में प्राकृतिक रूप से मौजूद शक्कर को इससे अलग समझा जाता है।
यह भी पढ़े- एक ब्लड टेस्ट बताएगा शरीर के अंगों की ‘असली उम्र’, दिमाग की उम्र से अल्जाइमर का भी पता चलेगा



