नई दिल्ली: भारत में हो रहे BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने आए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) या क्षेत्र के किसी अन्य पड़ोसी देश को अपना दुश्मन नहीं मानता।
पेजेश्कियान ने खाड़ी देशों से अपील की कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए न होने दें।
अमेरिका को बताया विवाद की जड़
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान को UAE से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी पड़ोसी देश ईरान के भाई जैसे हैं और इनके बीच लंबे समय से व्यापारिक और आपसी संबंध रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान की असली परेशानी उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों से है, जो क्षेत्र के कुछ देशों में मौजूद हैं।
पेजेश्कियान के मुताबिक, इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने मित्र और पड़ोसी देशों से अपील की कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए न होने दें।
UAE के क्राउन प्रिंस से भी मिले
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने UAE का प्रतिनिधित्व कर रहे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। बैठक में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम करने पर भी चर्चा हुई।
इस मुलाकात को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव का असर खाड़ी क्षेत्र के देशों पर भी पड़ा है।
तनाव कम करने और शांति पर जोर
दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति कायम करने के प्रयासों का समर्थन किया। इसके साथ ही क्षेत्र में स्थिरता और विकास के अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
पेजेश्कियान ने BRICS सम्मेलन को संबोधित करते हुए एकतरफा और अमानवीय प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि BRICS को दुनिया में न्याय की आवाज बनना चाहिए और अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।
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