मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस जनपद पंचायत क्षेत्र के बघरोली गांव में आज भी लोगों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में शवों के अंतिम संस्कार के लिए अब तक मुक्तिधाम या श्मशान स्थल की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
अंतिम संस्कार के लिए बीहड़ तक ले जाना पड़ता है शव
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक महीने में गांव में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई। हर बार परिवार और ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव से दूर बीहड़ इलाके में ले जाना पड़ा।
बारिश के मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती है। कच्चे रास्तों पर पानी और कीचड़ होने के कारण शव को ले जाना मुश्किल हो जाता है। कई जगह नदी और रपटों पर पानी भर जाने से लोगों की जान को भी खतरा रहता है।
33 साल की महिला की मौत के बाद सामने आई परेशानी
हाल ही में गांव की एक 33 वर्षीय महिला की अचानक मौत हो गई। अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और ग्रामीणों को शव को बीहड़ इलाके में ले जाना पड़ा।
बारिश के कारण रास्ते में काफी कीचड़ था। अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को सूखी नदी को भी पार करना पड़ा। इस दौरान लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर उठाई आवाज
मुक्तिधाम की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अपनी परेशानी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से गांव में मुक्तिधाम और वहां तक पहुंचने के लिए पक्के रास्ते की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर पहले भी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई थी, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
बारिश के बाद मुक्तिधाम बनाने का आश्वासन
मामले में ग्रामीण विकास अधिकारी ने गांव में मुक्तिधाम बनवाने का आश्वासन दिया है। अधिकारी के मुताबिक, वर्षाकाल खत्म होने के बाद मुक्तिधाम के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही यह समस्या जल्द खत्म होगी और अंतिम संस्कार के लिए लोगों को बारिश के दौरान जोखिम भरे रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा।
यह भी पढ़े- MP के 7,400 से ज्यादा मेधावी छात्रों को मिली स्कूटी, CM मोहन यादव ने छात्रों से किया संवाद



