सऊदी अरब में गुरुवार को मक्का, जेद्दा और कई अन्य इलाकों के लिए संभावित खतरे का अलर्ट जारी किया गया। सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों को सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।
मक्का शहर के लिए यह चेतावनी नेशनल अर्ली वॉर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए जारी की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, ऐसे अलर्ट आमतौर पर मिसाइल या ड्रोन से जुड़े संभावित खतरे की स्थिति में जारी किए जाते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने इस अलर्ट के समय खतरे की सटीक प्रकृति सार्वजनिक नहीं की थी।
मक्का समेत इन इलाकों में जारी हुआ अलर्ट
मक्का के अलावा जेद्दा, यनबू, ताइफ और तबुक क्षेत्र में भी चेतावनी जारी की गई। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, कुछ ही मिनट बाद इन अलर्ट को हटा लिया गया और खतरा टलने की जानकारी दी गई।
यह 10 दिनों से भी कम समय में मक्का के लिए जारी की गई दूसरी ऐसी चेतावनी थी। इससे पहले 18 सितंबर को भी सऊदी अरब के कई इलाकों में संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया था।
लोगों को क्या निर्देश दिए गए?
सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा। पहले जारी किए गए ऐसे अलर्ट में लोगों को घर या किसी सुरक्षित इमारत के अंदर रहने, खिड़कियों और कांच से दूर रहने तथा खुले स्थानों, बालकनी और छतों से बचने की सलाह दी गई थी।
हूती हमलों के बीच बढ़ा तनाव
इन अलर्ट के बीच सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच तनाव भी बढ़ा हुआ है। पिछले सप्ताह सऊदी अरब ने आरोप लगाया था कि हूतियों ने मक्का की ओर ड्रोन भेजने की कोशिश की थी, जिसे सऊदी एयर डिफेंस ने मार गिराया। हूतियों ने इस आरोप से इनकार किया था।
इसके कुछ दिन बाद हूतियों ने सऊदी राजधानी रियाद पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया था। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक मिसाइल को intercept करने की जानकारी दी थी।
यमन में भी जारी है संघर्ष
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव का असर यमन के अंदर चल रहे संघर्ष पर भी पड़ रहा है। हाल के दिनों में हूती समूह और सऊदी समर्थित यमनी सरकार के बीच लड़ाई तेज हुई है। इस बीच लाल सागर और बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को लेकर भी चिंता बढ़ी है।



