दिल्ली के लोगों को जल्द ही यमुना नदी में क्रूज की सैर करने का मौका मिल सकता है। इसके लिए ‘नमो यमुना क्रूज सफारी’ का ट्रायल शुरू हो गया है। इस परियोजना के तहत सोनिया विहार से जगतपुर तक यमुना नदी के करीब 6 किलोमीटर लंबे हिस्से में क्रूज चलाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसे परिवार के साथ घूमने और पिकनिक मनाने के लिए एक खास जगह के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस परियोजना में क्रूज की सवारी के अलावा रेस्तरां, फूड पार्क, बच्चों के लिए खास जोन, म्यूजिकल फाउंटेन और वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस परियोजना से यमुना नदी के पुनरुद्धार के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दिल्ली में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
500 रुपये में कर सकेंगे क्रूज की सवारी
प्रस्तावित योजना के अनुसार, क्रूज सफारी परिसर में प्रवेश के लिए 50 रुपये देने होंगे। वहीं, पूरी क्रूज यात्रा का किराया 500 रुपये निर्धारित किया गया है। टिकट दिल्ली पर्यटन की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन बुक किए जा सकेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, क्रूज का ट्रायल करीब एक सप्ताह तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद नवंबर के पहले सप्ताह में सेवा शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य अधिकारियों के साथ क्रूज का निरीक्षण भी किया।
छठ महापर्व से पहले शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि छठ महापर्व से पहले क्रूज सेवा शुरू कर दी जाए। इससे दिल्ली के लोग अपने परिवार के साथ यमुना नदी के दर्शन कर सकेंगे और क्रूज की सवारी का आनंद ले पाएंगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों का यमुना नदी से गहरा धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव है। यह परियोजना पर्यटन और मनोरंजन के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही उन्होंने यमुना को साफ रखने और पर्यावरण की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
क्रूज में एक बार में बैठ सकेंगे 30 यात्री
‘नमो यमुना क्रूज सफारी’ में एक बार में अधिकतम 30 यात्री सफर कर सकेंगे। सोनिया विहार से जगतपुर स्थित शनि मंदिर तक की यात्रा में करीब 40 मिनट लगेंगे।
क्रूज में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। इसमें एयर कंडीशनिंग, जैव शौचालय, उद्घोषणा प्रणाली और सुरक्षा जैकेट जैसी सुविधाएं होंगी। जैव शौचालय की व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि नदी में अपशिष्ट न छोड़ा जाए।
कई सरकारी एजेंसियां मिलकर कर रही हैं काम
इस परियोजना को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग और दिल्ली जल बोर्ड मिलकर विकसित कर रहे हैं।
क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और दिल्ली सरकार की एजेंसियों के बीच मार्च 2025 में समझौता हुआ था। अब इस परियोजना के जरिए दिल्ली में पर्यटन को नया बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है।



