दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, सोमवार सुबह 8 बजे राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 187 दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी में पहुंच गई। हालांकि, शहर के कई इलाकों में अब भी प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बना हुआ है।
दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए दिल्ली के लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने में दिल्ली सरकार, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और आम नागरिकों ने सहयोग किया है।
मंत्री के मुताबिक, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों और जिलों की पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है।
दिल्ली के किन इलाकों में कितना है AQI?
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया है। कुछ जगहों पर हवा की गुणवत्ता बेहतर रही, जबकि कई इलाकों में प्रदूषण ज्यादा बना हुआ है।
- बुराड़ी: 128
- बदरपुर: 125
- नांगलोई: 150
- जेएनयू: 157
- मंदिर मार्ग: 165
- आरके पुरम: 233
- पंजाबी बाग: 229
- जहांगीरपुरी: 251
- मुंडका: 226
- विवेक विहार: 240
- नरेला: 227
- सीआरआरआई मथुरा रोड: 231
इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के कुछ इलाकों में हवा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन कई जगहों पर प्रदूषण अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।
यमुना में फिर दिखा सफेद झाग
दिल्ली में वायु प्रदूषण के बीच यमुना नदी में सफेद झाग दिखाई देने का मामला भी सामने आया है। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को ओखला बैराज के पास छठ पूजा से पहले नदी में झाग दिखने पर चिंता जताई।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में यमुना के पूरे 52 किलोमीटर के हिस्से में झाग नहीं है और दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा के पास एक स्थान पर पानी गिरने के कारण झाग बन रहा है। हालांकि, नदी में झाग दिखाई देना यमुना में प्रदूषण की समस्या को लेकर चिंता बढ़ाता है।
छठ पूजा के लिए बनाए जा रहे नए घाट
मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस बार छठ पूजा की तैयारियां पहले से बेहतर की जा रही हैं। दिल्ली में नए घाट बनाए जा रहे हैं और दिल्ली जल बोर्ड की ओर से इन घाटों पर साफ पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि तैयारियों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं और जरूरी टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।
दिल्ली में GRAP-1 के नियम लागू
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के तहत उपाय लागू किए हैं।
इन नियमों के तहत:
- होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में कोयले और लकड़ी से चलने वाले तंदूर के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
- निर्धारित नियमों के अनुसार, जरूरी और आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन अलग-अलग इलाकों में AQI का स्तर अब भी चिंता पैदा कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में कितना सुधार होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।



