योग और प्राणायाम शरीर को स्वस्थ रखने और मन को शांत रखने में मदद करते हैं। नियमित योग करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। लेकिन योग का पूरा फायदा तभी मिलता है, जब इसे सही तरीके से और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार किया जाए।
कई लोग जल्दी लचीला बनने या कठिन आसन करने के चक्कर में शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालते हैं। इससे चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय ने योग करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, योग करते समय अपनी शारीरिक क्षमता को समझना जरूरी है। किसी भी आसन को जल्दबाजी में करने या शरीर को जबरदस्ती खींचने से बचना चाहिए।
हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। कुछ लोग आसानी से आगे झुक सकते हैं, जबकि कुछ लोगों को इसके लिए ज्यादा अभ्यास की जरूरत होती है। इसलिए दूसरों को देखकर कठिन आसन करने की कोशिश न करें।
शुरुआत में आसान आसनों से अभ्यास करें और धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ाएं। अगर किसी आसन को करते समय ज्यादा दबाव महसूस हो, तो उसे जबरदस्ती करने के बजाय रुक जाएं।
तेज दर्द होने पर तुरंत रोक दें योग
योग करते समय हल्का खिंचाव महसूस होना सामान्य हो सकता है, लेकिन तेज दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर किसी आसन के दौरान पीठ, घुटने, कंधे या शरीर के दूसरे हिस्सों में तेज दर्द हो, तो तुरंत अभ्यास रोक दें। दर्द के बावजूद आसन जारी रखने से मांसपेशियों में खिंचाव या चोट लग सकती है।
खासकर योग की शुरुआत करने वाले लोगों को अपनी क्षमता से ज्यादा कठिन आसन नहीं करने चाहिए। जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित योग शिक्षक की मदद लें। अगर पहले से कोई चोट या स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार योग करें।
योग करते समय सांस पर भी दें ध्यान
योग के दौरान शरीर की स्थिति के साथ-साथ सांस पर ध्यान देना भी जरूरी है। हर आसन को आराम से करें और एक आसन से दूसरे आसन में जाने की जल्दबाजी न करें।
अगर सांस लेने में परेशानी हो या शरीर में असहजता महसूस हो, तो अभ्यास रोककर आराम करें। योग करते समय शरीर के संकेतों को समझना बहुत जरूरी है।
यह भी ध्यान रखें कि हर व्यक्ति को सभी आसन एक ही तरीके से करने की जरूरत नहीं है। अपनी क्षमता के अनुसार नियमित अभ्यास करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सुरक्षित योग के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- शुरुआत आसान आसनों से करें और धीरे-धीरे कठिन आसनों की ओर बढ़ें।
- शरीर को जबरदस्ती न खींचें और झटके देने से बचें।
- तेज दर्द होने पर तुरंत अभ्यास रोक दें।
- सांस लेने में परेशानी या असहजता होने पर आराम करें।
- पुरानी चोट या स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
- कठिन आसन करते समय प्रशिक्षित योग शिक्षक की मदद लें।
याद रखें: योग का उद्देश्य शरीर को स्वस्थ रखना और मन को शांत करना है, न कि शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालना। नियमित अभ्यास करें, अपनी क्षमता का ध्यान रखें और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।



