मिजोरम सरकार ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। अब राज्य में बिना अनुमति पटाखे जलाना या अपने पास रखना महंगा पड़ सकता है। नियम तोड़ने वालों को जेल की सजा के साथ भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है। वहीं, सरकारी कर्मचारियों के लिए और भी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
मिजोरम के गृह मंत्री के. सपडांगा ने शुक्रवार को नए कानून की जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी कर्मचारी अगर नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें छह महीने तक की जेल या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
बिना अनुमति पटाखे जलाने पर होगी कार्रवाई
गृह मंत्री ने आइजोल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि राज्य में ‘मिजोरम आतिशबाजी विनियमन अधिनियम, 2026’ लागू किया गया है। इस कानून को अगस्त में विधानसभा से मंजूरी मिली थी और सितंबर में इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी।
नए कानून के मुताबिक, अब उपायुक्त (DC) की पहले से अनुमति लिए बिना कोई भी व्यक्ति पटाखे नहीं जला सकता और न ही अपने पास रख सकता है।
इसके अलावा, बिना जरूरी लाइसेंस के पटाखों की बिक्री करना भी प्रतिबंधित है। ऐसा करने वालों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
नियम तोड़ने पर कितनी होगी सजा?
गृह मंत्री के अनुसार, नए कानून की धारा 3 और 4 का उल्लंघन करने पर तीन महीने तक की जेल या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अगर नियम तोड़ने वाले बच्चे की उम्र 12 साल से कम है, तो उसके माता-पिता या अभिभावक को जुर्माना भरना पड़ सकता है।
वहीं, अगर कोई सरकारी कर्मचारी इस कानून का उल्लंघन करता है, तो उसे छह महीने तक की जेल या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के दर्ज कर सकेगी मामला
गृह मंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत आने वाले अपराधों को संज्ञेय और जमानती रखा गया है। इसका मतलब है कि पुलिस ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट की पहले से अनुमति लिए बिना मामला दर्ज कर सकती है। हालांकि, आरोपी को कानून के अनुसार जमानत मिल सकती है।
क्यों बनाया गया नया कानून?
मिजोरम सरकार का कहना है कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य पटाखों और आतिशबाजी से जुड़ी सामग्रियों के इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण को नियंत्रित करना है।
सरकार ने कानून लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।



