दक्षिण दिल्ली पुलिस ने कथित हनीट्रैप, किडनैपिंग और रंगदारी के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी कपल समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पीड़ित को घटना के अगले ही दिन मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया था।
पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त को पवनदीप जोशी के लापता होने की शिकायत उनके भाई ने मैदान गढ़ी थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
ऑनलाइन ऐप के जरिए महिला से हुआ संपर्क
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पवनदीप का संपर्क इंदु उर्फ रियू उर्फ लिसा शर्मा से एक ऑनलाइन ऐप के जरिए हुआ था। आरोप है कि इंदु ने घरेलू सामान खरीदने के बहाने पवनदीप से मुलाकात की और बाद में उसे नेब सराय स्थित अपने फ्लैट पर ले गई।
पुलिस का दावा है कि फ्लैट में पहुंचने के बाद जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और उसके साथियों ने पवनदीप को घेर लिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे जबरन बंधक बना लिया।
टाटा हैरियर में बैठाकर अलग-अलग जगह ले गए
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित को उसकी ही टाटा हैरियर में बैठाया और अलग-अलग जगहों पर लेकर घूमते रहे। पुलिस को उसकी लोकेशन के सुराग पलवल, आगरा और मथुरा से मिले।
जांच टीम ने मोबाइल लोकेशन, CDR और दूसरी तकनीकी जानकारी की मदद से उसकी तलाश शुरू की। लगातार निगरानी के बाद पुलिस को पता चला कि पवनदीप मथुरा में है।
23 अगस्त को मथुरा से सुरक्षित बरामद
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 23 अगस्त को पवनदीप को मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद उसके बयान और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।
रेडिसन होटल के पास पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
पुलिस ने पीड़ित की गाड़ी पर भी नजर रखी। 30 अगस्त को टाटा हैरियर महिपालपुर स्थित रेडिसन होटल के पास दिखाई दी।
पुलिस के अनुसार, गाड़ी में मौजूद लोगों ने पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने पीछा करके उन्हें पकड़ लिया। मौके से जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और इंदु उर्फ रियू उर्फ लिसा शर्मा को गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली और पलवल से चार और आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान भानु प्रताप, अज्जू सरकार, राहुल उर्फ बिजेंद्र और नवीन उर्फ चिंटू के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों को दिल्ली और पलवल से गिरफ्तार किया गया।
बैंकिंग और UPI का इस्तेमाल करने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित के बैंकिंग अकाउंट, UPI और कार्ड का इस्तेमाल किया। उसके क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदने की बात भी जांच में सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित के दस्तावेजों और निजी जानकारी का इस्तेमाल करके लोन लेने की कोशिश भी की थी।
आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित की टाटा हैरियर, दो कथित पिस्तौल, चाकू, 10 ग्राम का सोने का पेंडेंट, 15 ग्राम की सोने की चेन, क्रेडिट कार्ड से खरीदे गए कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इसके अलावा पुलिस को दो क्रेडिट कार्ड, एक डेबिट कार्ड, पैन कार्ड, आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस समेत कई दस्तावेज भी मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन में पीड़ित के साथ मारपीट के वीडियो भी मिले हैं। इन डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।
मुख्य आरोपी पर पहले से कई मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव उर्फ जीतू के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मयूर विहार, हरि नगर, कल्याणपुरी और शकरपुर थानों के मामले शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ मारपीट, चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले भी दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरह की कोई वारदात की थी या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है।



