दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ की ओर से जारी बयान में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की गई है।
पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने हादसे में अपने लोगों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और प्रभावित लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।
मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।
फायर ब्रिगेड, NDRF और डॉग स्क्वाड की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। बुलडोजर की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं। मलबे को धीरे-धीरे हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
9 लोगों को बचाया गया, 3 की मौत
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक 9 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिनमें से 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
यह इमारत मोतीबाग इलाके में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास गिरी। बताया जा रहा है कि इमारत में PG था, जहां छात्र रहते थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौके पर
हादसे की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं। प्रशासन और बचाव दल लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
फिलहाल मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।



