कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर अहम जानकारी दी
भारत सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर गुरुवार, 13 अगस्त को अहम जानकारी दी। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार यात्रा को भारतीय श्रद्धालुओं के लिए आसान, सुरक्षित और कम खर्चीला बनाने की कोशिश कर रही है।
दो आधिकारिक रास्तों से होती है यात्रा
विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों, ITBP और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर यात्रा का आयोजन करता है। सरकारी यात्रा के लिए दो रास्ते हैं:
- उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा – 1981 से
- सिक्किम का नाथू ला दर्रा – 2015 से
यात्रा के लिए भारत सरकार चीन की सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी समन्वय करती है।
यात्रियों की मेडिकल जांच और सुविधाएं
ऊंचाई वाले इलाकों में जाने के कारण यात्रियों की मेडिकल जांच की जाती है। सरकार यात्रा मार्ग पर सड़क, परिवहन, रहने और खाने जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है।
मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में यात्रियों को जल्द मदद मिल सके, इसके लिए भी जरूरी व्यवस्था की जा रही है।
नेपाल के रास्ते भी जा सकते हैं श्रद्धालु
कुछ निजी टूर ऑपरेटर नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा कराते हैं। ऐसे यात्रियों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाली अधिकारियों के संपर्क में रहता है।
यात्रा से पहले जरूरी दस्तावेज जरूर लें
विदेश मंत्रालय ने 27 जुलाई 2026 को एडवाइजरी जारी कर श्रद्धालुओं को सलाह दी थी कि जरूरी यात्रा दस्तावेज मिलने से पहले यात्रा शुरू न करें।
हर साल बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर जाते हैं। हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। बौद्ध और जैन धर्म में भी इसका विशेष धार्मिक महत्व है।
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