दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन होना है। इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देर रात दावा किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है। उन्होंने कहा कि उनके आसपास दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी घूम रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में कई जगहों पर पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में तिरंगा लहराने की बात कहे, तो क्या सरकार रैली रद्द कर देगी या तिरंगा लहराने से रोक देगी?
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
दीपके ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जवाबदेही तय करना है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त करने की मांग की। उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार सुप्रीम कोर्ट की बात नहीं सुन रहे हैं। हालांकि, यह उनका दावा है।
16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर 2026 को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया है।
वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की है।
सरकार पर इमरजेंसी जैसे हालात बनाने का आरोप
पार्क बंद करने और पाबंदियां लगाने पर सवाल उठाते हुए दीपके ने कहा कि सरकार आखिर कितनी जगहों को बंद करेगी। उन्होंने कहा कि अगर उनका संगठन 1,000 जगहों पर तिरंगा लहराने का ऐलान करता है, तो क्या सरकार सभी जगहों को बंद कर देगी?
दीपके ने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार औपचारिक रूप से इमरजेंसी घोषित नहीं कर रही, क्योंकि इससे उसकी छवि खराब हो सकती है।



