झारखंड आंदोलन के प्रमुख ‘दिशोम गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन को जनसेवा और लोक कल्याण के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह सम्मान प्रदान किया। शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और झारखंड राज्य के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया।

शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की ओर से यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया। वे व्हीलचेयर पर बैठकर मंच तक पहुंचीं, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सौंपा। यह क्षण पूरे झारखंड और सोरेन परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा।
गौरवशाली पल का गवाह बनने के लिए सोरेन परिवार रहा मौजूद
इस ऐतिहासिक और गौरवशाली पल का गवाह बनने के लिए सोरेन परिवार के सदस्य भी राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान झारखंड की प्रमुख नेता और विधायक कल्पना सोरेन के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
शिबू सोरेन को यह सम्मान उनके जीवनकाल में समाज के वंचितों, आदिवासियों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ने और लोक कार्य (Public Affairs) के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक व ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए दिया गया है।
