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Wed. Jun 24th, 2026

पिछले कुछ महीनों में देश ने एलपीजी गैस की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों को करीब से महसूस किया। इस स्थिति ने आम जनता के साथ-साथ सरकार को भी सतर्क किया, जिसके बाद भविष्य में किसी संभावित संकट से निपटने के लिए गैस भंडारण पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकार और संबंधित एजेंसियों ने पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए हैं ताकि आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में परेशानी न हो।

इसी बीच सामने आई कुछ रिपोर्टों के अनुसार भारत ने अमेरिका से रिकॉर्ड मात्रा में रसोई गैस (एलपीजी) की खरीद की है। बताया जा रहा है कि यह खरीद पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे देश के गैस भंडार को मजबूत करने और घरेलू मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

भारत एलपीजी के लिए अमेरिका के ऊपर निर्भर

रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव के हालातों को देखते हुए भारत ने एलपीजी के लिए अमेरिका के ऊपर अपनी निर्भरता बढ़ा दी. जिसके बाद जून में अमेरिका से आयात होकर भारत आई रसोई गैस रिकॉर्ड तोड़ने की कगार पर पहुंच गई है. KPLER के आंकड़ों के मुताबिक, जून में अब तक भारत ने अमेरिका से करीब 6.35 लाख टन एलपीजी का आयात किया है, जो देश के कुल एलपीजी आयात का लगभग 65% हिस्सा है. मार्च से ही अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बना हुआ है.

अमेरिका से बढ़ा आयात

एक तरफ अमेरिका ने आयात बढ़ा है तो वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से एलपीजी का आयात घटकर जून में करीब 90,000 टन ही रह गया है. इससे पहले यूएई भारत को एलपीजी की सबसे ज्यादा आपूर्ति करने वाला देश था, लेकिन मिडिल ईस्ट में संघर्ष और उसकी वजह से आई आपूर्ति की कमी की वजह से अब स्थिति पहले के मुकाबले बदल गई है. ताजा आंकड़ों की मानें तो भारत पिछले कुछ दिनों की स्थिति को देखते हुए अब एलपीजी के स्रोतों में और भी ऑप्शंस देख रहा है, इसकी के चलते अब अमेरिका से आने वाली गैस पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है.

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