मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे आरक्षण से जुड़े एक फर्जी बयान पर नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि यह बयान पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत है। साथ ही लोगों से अपील की कि ऐसी भ्रामक पोस्ट पर भरोसा न करें।
शिल्पा शेट्टी ने बताया फर्जी
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही थी, जिसमें दावा किया गया कि शिल्पा शेट्टी ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक विवादित टिप्पणी की है। इस पोस्ट में उन्हें आरक्षण खत्म करने के पक्ष में बताया गया था।

हालांकि, शिल्पा शेट्टी ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया और उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर दी सफाई
एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए शिल्पा शेट्टी ने लिखा कि उनके नाम से झूठे बयान फैलाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी और दुर्भावनापूर्ण बताया।
अभिनेत्री ने अपने फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि वे बिना जांचे-परखे ऐसी किसी भी पोस्ट पर विश्वास न करें और फर्जी खबरों से सावधान रहें।
क्या था वायरल फर्जी दावा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्टाग्राम पर वायरल हुई फर्जी पोस्ट में दावा किया गया था कि शिल्पा ने जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ टिप्पणी की है। उनके नाम से जोड़े गए इस फर्जी बयान में कहा गया था कि सामान्य वर्ग के डॉक्टरों को केवल सामान्य वर्ग के मरीजों का इलाज करना चाहिए, जबकि अन्य समुदायों के डॉक्टरों को अपने-अपने वर्ग के मरीजों का ही इलाज करना चाहिए।
पोस्ट में आगे तर्क दिया गया था कि ऐसी व्यवस्था लागू होने पर लोग खुद आरक्षण खत्म करने की मांग करने लगेंगे, क्योंकि योग्यता आरक्षण से हासिल नहीं की जा सकती। संवेदनशील सामाजिक मुद्दे से जुड़ी होने के कारण इस विवादित पोस्ट ने इंटरनेट पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचा था। शिल्पा के इस त्वरित खंडन ने एक बार फिर सेलिब्रिटीज के नाम पर फैलाई जा रही फर्जी खबरों और दुष्प्रचार की गंभीर समस्या को उजागर किया है।
