घर की दीवार, बालकनी, छत या पानी की टंकी के आसपास कई बार पीपल का छोटा पौधा उग आता है। शुरुआत में यह छोटा और सामान्य दिखाई देता है, इसलिए लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ इसकी जड़ें दीवार की दरारों में फैल सकती हैं और परेशानी बढ़ा सकती हैं।
पीपल की जड़ें धीरे-धीरे दीवार की छोटी दरारों और खाली जगहों में पहुंच सकती हैं। पौधा बड़ा होने पर जड़ों का दबाव बढ़ सकता है, जिससे दरार चौड़ी होने, सीलन आने या पानी के रिसाव जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए दीवार पर पीपल का पौधा दिखाई देते ही उस पर ध्यान देना जरूरी है।
दीवार पर पीपल का पौधा कैसे उगता है?
पीपल के बीज अक्सर पक्षियों या हवा के जरिए दीवार की छोटी दरारों तक पहुंच जाते हैं। अगर वहां थोड़ी नमी और अनुकूल जगह मिल जाए तो बीज अंकुरित हो सकता है। यही कारण है कि पानी की टंकी, बालकनी, छत के कोने और नम जगहों पर पीपल के छोटे पौधे दिखाई दे सकते हैं।
सिर्फ तना काटना काफी नहीं
कई लोग पौधा दिखाई देने पर सिर्फ उसका ऊपर का हिस्सा काट देते हैं। लेकिन ऐसा करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। अगर जड़ का कुछ हिस्सा दरार के अंदर रह गया तो पौधा दोबारा उग सकता है।
इसलिए पौधे को हटाते समय उसकी जड़ पर भी ध्यान देना जरूरी है। हालांकि जड़ निकालते समय दीवार को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए। अगर जड़ बहुत अंदर तक पहुंच गई है या दीवार में बड़ी दरार बन गई है, तो विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर है।
नमक, चूना और हल्दी वाले घोल का दावा
छोटे पीपल के पौधे को सुखाने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी बताए जाते हैं। इनमें नमक, चूना और हल्दी को पानी में मिलाकर पौधे के आसपास डालने का तरीका शामिल है।
इसके बारे में दावा किया जाता है कि नमक और हल्दी नमी कम करने में मदद कर सकते हैं, जबकि चूना आसपास की मिट्टी या सतह की स्थिति को बदल सकता है। हालांकि इस घरेलू उपाय के असर की कोई गारंटी नहीं है और पौधे के सूखने का समय उसकी उम्र, आकार, जड़ों और आसपास की नमी पर निर्भर करता है।
पौधा सूखने के बाद जड़ भी हटाएं
अगर पौधा सूख जाए तो उसे सावधानी से हटाएं और संभव हो तो जड़ का बचा हुआ हिस्सा भी निकालें। लेकिन दीवार को जोर से तोड़कर या खुरचकर जड़ निकालने की कोशिश न करें। इससे दीवार को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
अगर जड़ काफी अंदर तक चली गई है या दीवार में बड़ी दरार दिखाई दे रही है, तो किसी विशेषज्ञ से जांच करवाना सुरक्षित विकल्प है।
दरार को खुला न छोड़ें
पौधे और जड़ को हटाने के बाद उस जगह की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद दरार या खाली हिस्से को उपयुक्त सीलेंट, वाटरप्रूफ पुट्टी या मरम्मत सामग्री से बंद किया जा सकता है। इससे पानी और नमी के अंदर जाने की संभावना कम हो सकती है।
इन जगहों पर जरूर रखें नजर
घर में इन जगहों की समय-समय पर जांच करते रहें:
- पानी की टंकी के आसपास
- बालकनी के कोने
- छत की दरारें
- दीवार के छोटे छेद
- जहां बारिश का पानी जमा होता हो
- ऐसी जगह जहां लगातार नमी रहती हो
छोटा पौधा शुरुआती अवस्था में मिल जाए तो उसे हटाना आमतौर पर आसान होता है। इसलिए दीवार पर उगे पीपल के पौधे को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें और पौधा हटाने के बाद उस जगह की दरार को भी ठीक से बंद करें।
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