प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर अहमदाबाद के विश्व उमियाधाम में आधी रात को 76 हजार दीप जलाए गए। इस दौरान मां उमिया की महाआरती की गई और प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र की कामना की गई। दीपों की संख्या 76 इसलिए रखी गई, क्योंकि पीएम मोदी ने 17 सितंबर 2026 को 76 साल पूरे किए।
अहमदाबाद में क्या हुआ?
अहमदाबाद के विश्व उमियाधाम में आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत करीब 5 हजार लोग शामिल हुए। मां उमिया की महाआरती के बाद 76 हजार दीप जलाए गए। इस दौरान सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी हुआ।
क्या 76 हजार दीप और ‘आशीर्वाद का दीप’ एक ही हैं?
नहीं। दोनों अलग-अलग आयोजन थे।
अहमदाबाद में 76 हजार दीप जलाने का कार्यक्रम एक विशेष स्थानीय आयोजन था। वहीं, बीजेपी की ओर से देशभर में ‘आशीर्वाद का दीप’ अभियान चलाया गया। इसके तहत लोगों से 17 सितंबर की शाम 6 से 7 बजे के बीच अपने घरों में दीप जलाकर पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करने की अपील की गई थी।
दीप जलाने का धार्मिक मतलब क्या है?
हिंदू परंपरा में दीप को प्रकाश, ज्ञान, शुभता और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं में किसी के लिए दीप जलाना उसके अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण की कामना से जुड़ा माना जाता है।
‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का भाव भी अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की प्रार्थना से जुड़ा है। हालांकि, यह मंत्र किसी व्यक्ति के जन्मदिन पर दीप जलाने की विशेष विधि नहीं बताता।
क्या दीप जलाने से उम्र बढ़ती है?
दीप जलाने से किसी व्यक्ति की उम्र बढ़ने की कोई गारंटी नहीं होती। धार्मिक संदर्भ में इसे दीर्घायु, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रार्थना और शुभकामना के प्रतीक के रूप में समझा जाता है।
76 हजार दीप क्यों खास थे?
अहमदाबाद के कार्यक्रम में 76 हजार दीपों की संख्या पीएम मोदी की उम्र से जोड़ी गई थी। वहीं ‘आशीर्वाद का दीप’ अभियान में लोगों से घर पर एक दीप जलाने की अपील की गई थी। दोनों आयोजनों का तरीका अलग था, लेकिन दोनों में स्वास्थ्य और दीर्घायु की शुभकामना का संदेश दिया गया।
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