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झारखंड छात्र आंदोलन को अभिजीत डिपके का समर्थन, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल

रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। JPSC-JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्र कई दिनों से धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता और CJP (Cockroach Janta Party) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने आंदोलन का समर्थन करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम झारखंड जाकर छात्रों की हर जायज मांग के साथ खड़ी होगी।

क्या है पूरा मामला?

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों ने JPSC-JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर छात्र रांची में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

अभिजीत डिपके ने क्या कहा? – JPSC-JSSC

महाराष्ट्र में आयोजित एक बैठक के दौरान अभिजीत डिपके ने कहा कि उनकी संस्था झारखंड के छात्रों के संघर्ष का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि छात्र जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, वे केवल झारखंड तक सीमित नहीं हैं बल्कि देशभर के युवाओं से जुड़े सवाल हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि CJP फिलहाल राजनीतिक दल के रूप में नहीं बल्कि एक “प्रेशर ग्रुप” की तरह काम करेगा।

छात्रों की प्रमुख मांगें – JPSC-JSSC

छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
  • पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया।
  • योग्य अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा।
  • परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही।

सोनम वांगचुक का भी मिला समर्थन

इस आंदोलन को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है। उन्होंने छात्र नेताओं से संवाद किया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की अपील की। उनके समर्थन के बाद आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान मिला।

सरकार का रुख

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संकेत दिया है कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच बातचीत की संभावना भी बनी है ताकि आंदोलन का समाधान निकाला जा सके।

आंदोलन का आगे का कार्यक्रम

प्रदर्शनकारी छात्रों ने आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। ‘तिरंगा मार्च’ और विधानसभा घेराव जैसे कार्यक्रमों की भी तैयारी की जा रही है। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

JPSC-JSSC का निष्कर्ष

झारखंड का छात्र आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षाओं के विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के रोजगार, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे व्यापक मुद्दों से जुड़ चुका है। अभिजीत डिपके और सोनम वांगचुक जैसे सार्वजनिक चेहरों के समर्थन से इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मिली है। अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर है, जिससे इस विवाद के समाधान की दिशा तय हो सकती है।

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