लखनऊ। हाल ही में शुरू हुए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क में आई खामियों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर को हटाने का फैसला लिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।
सड़क में खामियां आने के बाद हुआ एक्शन – NHAI
एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में सड़क धंसने और सतह खराब होने की शिकायतें सामने आने के बाद NHAI ने पूरे मामले की समीक्षा की। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे, जिसके बाद प्राधिकरण ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
टोल वसूली पर फिलहाल रोक
NHAI ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल संग्रह पूरी तरह स्थगित रहेगा। मरम्मत और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही दोबारा टोल वसूली शुरू की जाएगी।
अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई

प्राधिकरण ने परियोजना की निगरानी से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। निर्माण एजेंसी और निगरानी टीम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कुछ अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई है और निर्माण कंपनी के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए गए हैं।
IIT विशेषज्ञ करेंगे जांच – NHAI
पूरे मामले की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि सड़क में आई खराबी निर्माण गुणवत्ता, डिजाइन या अन्य किसी तकनीकी कारण से हुई।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
टोल वसूली बंद होने से फिलहाल यात्रियों को आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि मरम्मत कार्य के दौरान कुछ स्थानों पर डायवर्जन और धीमी गति से यातायात की संभावना बनी रह सकती है। NHAI ने लोगों से सावधानी बरतने और जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल – NHAI
यह एक्सप्रेसवे शुरू होने के कुछ ही समय बाद मरम्मत की जरूरत पड़ने के कारण चर्चा में आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी जल्दी सड़क में खामियां सामने आना गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर NHAI की कार्रवाई यह संकेत देती है कि निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अब सभी की नजर मरम्मत कार्य और जांच रिपोर्ट पर है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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